चमकौर साहिब। पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के बड़े साहिबजादों की शहादत को श्रद्धांजलि देने के लिए मोरिंडा से पैदल चमकौर साहिब का लंबा रास्ता तय किया। इस दौरान उनके साथ पत्नी डॉ. कमलजीत कौर, बेटे नवजीत सिंह नवी और रिधम, साथ ही स्थानीय कांग्रेसी नेता और समर्थक मौजूद थे। रास्ते में श्रद्धालुओं ने चरणजीत सिंह चन्नी को सिरोपा पहनाकर सम्मानित किया। रास्ते में लगे लंगरों पर भी चन्नी रुके और आम लोगों से मिलते रहे। सुबह 11 बजे मोरिंडा से रवाना होकर दोपहर 3.30 बजे चमकोर साहिब पहुंचे। इस अवसर पर चरणजीत चन्नी ने केंद्र सरकार पर भी तीखे शब्दों में हमला किया। उन्होंने कहा कि साहिबजादों की शहादत को श्रद्धांजलि देने के लिए वीर बाल दिवस का नाम बदलकर सिख मर्यादा के अनुसार रखा जाए और इसके लिए एसजीपीसी तथा श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदारों की सहमति ली जाए। चन्नी ने कहा कि केंद्र को सिख मामलों में सीधे दखल नहीं देना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि साहिबजादों की शहादत मानवता के लिए अद्वितीय उदाहरण है और सिख कौम ने उन्हें बाबा का खिताब दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 1925 के सिख एक्ट की तरह ही बिना समुदाय की सहमति के कोई निर्णय नहीं लिया जाना चाहिए। संवाद