बठिंडा। जिले में स्वाइन फ्लू तीन मरीजों की पुष्टि से सेहत विभाग अलर्ट हो गया है। इसमें पिछले दिनों संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे, जिसमें दो रामपुरा फूल व एक केस तलवंडी साबों की पुष्टि हुई है। पंजाब में बीते कुछ दिनों से कोरोना वायरस संक्रमण मामलों में भी तेजी देखी गई वहीं अब विशेषज्ञों के अनुसार अगस्त माह के मध्य से सितंबर के बीच स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज हो रही है।
सेहत विभाग का कहना है कि हम स्वाइन फ्लू के मामलों पर लगातार नजर रख रहे हैं। स्वाइन फ्लू आमतौर पर इन्फ्लूएंजा वायरस के कारण होता है, जो सूअरों में रहता है। स्वाइन फ्लू के लक्षण बुखार, गले में खराश, नाक बहना, नाक बंद होना हैं। स्वाइन फ्लू शरीर के अन्य अंगों को प्रभावित कर सकता है। स्वाइन फ्लू आम तौर पर उन लोगों में फैलता है जो सूअरों को संभालते हैं। यह एक इंसान से दूसरे में भी फैल सकता है इसलिए, आपके लिए नियमित रूप से अपने हाथ धोना बहुत जरूरी है।
संक्रमित लोगों के चेहरे को नहीं छूना चाहिए। साथ ही भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए और 65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को और छोटे बच्चों को इसका ज्यादा खतरा होता है। कोरोना और स्वाइन फ्लू के लक्षण आमतौर पर एक जैसे होते हैं। पहले ऐसे मरीज मिलते थे जो कोविड से संक्रमित होने के बाद गंध और स्वाद खो देते थे, लेकिन आजकल लक्षण लगभग समान हैं। हालांकि, कोरोना, स्वाइन फ्लू की तुलना में अधिक संक्रामक है और तेजी से फैलता है।
यही कारण है कि कोरोना के मामले ज्यादा देखने को मिलते हैं। स्वाइन फ्लू का समय पर उपचार नहीं होने पर मौत का कारण बन सकता है। इसलिए इसका ख्याल रखने की जरूरत है, लेकिन अभी भी इससे घबराने की कोई बात नहीं है, अगर किसी को बुखार, कोविड-19, स्वाइन फ्लू या सर्दी-जुकाम हो जाए तो इलाज आसान है।