बता दें कि कृषि कानूनों को लेकर इस समय पूरे पंजाब में माहौल गर्म है। इस कानून के विरोध में पंजाब की 31 किसान यूनियनें सड़कों पर उतर चुकी हैं। पंजाब के गांवों में इन कानूनों के खिलाफ भारी आक्रोश है। सभी राजनीतिक दलों की नजर अब किसानों के वोट बैंक पर है।
यही कारण है कि सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी इस कानून के विरोध में है। ऐसे में अकाली दल भी पीछे नहीं है। हरसिमरत कौर बादल भी मंत्री पद से इस्तीफा देकर कानून के विरोध में उतर चुकी हैं। यही नहीं अकाली दल ने तो भाजपा से नाता भी तोड़ लिया है। इस समय अकाली दल भी सड़कों पर उतर चुका है। आम आदमी पार्टी भी किसानों के पक्ष में है।
जिला प्रशासन और कांग्रेसी तैयारी में जुटे
राहुल गांधी की ट्रैक्टर रैली को लेकर कांग्रेसी और पंजाब का पूरा प्रशासन मैदान में उतर चुका है। शुक्रवार को डीजीपी दिनकर गुप्ता खुद ट्रैक्टर रैली का जायजा लेने मोगा के बधनीकलां पहुंचे। उनके साथ लगभग 15 जिलों के एसएसपी समेत सभी बड़े अधिकारी मौजूद रहे। वहीं सीएम के सलाहकार कैप्टन संदीप संधू समेत कई दिग्गज रैली की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे। रैली में पांच हजार ट्रैक्टरों का इंतजाम किए जाने की सूचना है। वहीं रैली में कांग्रेस के मंत्रियों, विधायकों और सभी दिग्गजों को मौजूद रहने को कहा गया है।