जालंधर/सुल्तानपुर लोधी। राज्यसभा सांसद और पर्यावरणविद संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने हरिके पत्तन हेडवर्क्स की डी-सिल्टिंग और बाढ़ प्रबंधन के लिए केंद्र सरकार से विशेष पैकेज की मांग की है। उन्होंने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री को पत्र लिखकर चेताया कि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो पंजाब गंभीर प्राकृतिक आपदाओं और जल संकट का सामना कर सकता है। संत सीचेवाल ने बताया कि दशकों से डी-सिल्टिंग न होने के कारण हरिके में भारी मात्रा में गाद जमा हो चुकी है, जिससे जल संग्रहण क्षमता घट रही है। बरसाती मौसम में सतलुज और ब्यास नदियों से आने वाली गाद भी हरिके में रुक जाती है, जो बाढ़ के खतरे को बढ़ाती है। उन्होंने कहा कि बांधों में गाद जमने से सिंचाई और पेयजल व्यवस्था प्रभावित हो रही है। पंजाब की अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है, इसलिए जल संरक्षण और प्रबंधन के लिए केंद्र और राज्य को मिलकर तत्काल प्रभावी नीति बनानी चाहिए। संवाद