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कुवैत में जिंदगी-मौत के बीच में झूल रहे दविंदर को लाया गया स्वदेश

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दो माह से कोमा में चल रहे गांव कटली वासी युवक दविंदर सिंह (28) की कुवैत से घर वापसी हो गई है। शनिवार को दविंदर अपने परिवार के पास पहुंच गया है। गौरतलब है कि दविंदर सिंह वासी गांव कटली चार साल पहले रोजगार के लिए कुवैत में गया था और इसी साल जनवरी में वह भारत आया था और शादी की मंगनी करवाकर कुछ ही दिन बाद कुवैत चला गया। दविंदर सिंह की छह माह बाद शादी रखी गई थी, लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था। दविंदर सिंह दो माह पहले कुवैत में पहले ब्लड प्रेशर और किडनी की बीमारी का शिकार हो गया और इसके बाद से वह कोमा में है। उसका कुवैत के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। इस बात का पता लगने पर दविंदर सिंह के बुजुर्ग माता-पिता परेशान हो गए और उन्होंने उसे घर लाने के लिए कई नेताओं और समाजसेवी लोगों से संपर्क किया। सीनियर अकाली नेता व पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने भी दविंदर सिंह को घर लाने के लिए केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के जरिये विदेश मंत्रालय को पत्र लिख अपनी बात पहुंचाई। वहीं सरबत दा भला चैरिटेबल ट्रस्ट ने भी दविंदर सिंह के माता-पिता के साथ मुलाकात कर हवाई यात्रा शुरू होने पर लड़के को भारत लाने का वादा किया। इस बीच कुवैत के अलावा अन्य देशों में बसे पंजाबियों ने दविंदर सिंह की मदद की। जानकारी के अनुसार कुवैत वासी स्टील कारोबारी सुरजीत के अलावा शहीद भगत सिंह क्लब कुवैत और पहलां इंसानियत संस्था के सहयोग से दविंदर सिंह की घर वापसी हो सकी। दविंदर सिंह को शनिवार सुबह दिल्ली से एंबुलेंस के जरिये लाया गया। अब उसे आनंदपुर साहिब के गुरु तेग बहादुर मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल में दाखिल कराया गया है। पहलां इंसानियत संस्था ने दविंदर सिंह का इलाज करवाने की बात कही है। जानकारी के अनुसार दविंदर सिंह के इलाज पर कुवैत में छह लाख रुपये का खर्च आया है और उसे साढे़ तीन लाख रुपये खर्च कर भारत लाया गया है। यह राशी कुवैत और अन्य देशों में बसे पंजाबियों ने जोड़कर खर्च की है।
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