पाबंदी के बाद भी प्लास्टिक डोर का इस्तेमाल करने में लगे हैं लुधियानवी
कई दुकानदारों को काबू कर प्लास्टिक डोर के गट्टू पकड़ चुकी है पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। पाबंदी के बावजूद भी प्लास्टिक डोर का इस्तेमाल लुधियाना के लोग धड़ल्ले से कर रहे हैं। रोजाना प्लास्टिक डोर से हादसे हो रहे हैं। सोमवार देर शाम को किसी काम से बाइक पर जा रहा कोट मंगल सिंह गली नंबर बीस में रहने वाला कमलदीप सिंह भी डोर की चपेट में आ गया। जब तक वह बाइक रोकता और डोर निकालता उसके मुंह पर लंबा कट लग चुका था। वह डोर छुड़वाते समय नीचे गिर गया। राहगीरों ने उसे उठाया और घायल हालत में इलाज के लिए पास के निजी अस्पताल पहुंचाया। जहां उसके मुंह पर बीस के करीब टांके लगाए गए हैं।
कमलदीप सिंह ने बताया कि वह एक रेडिमेड गारमेंट्स के शोरूम में काम करता है। सोमवार की देर शाम को वह अपने बाइक पर सवार होकर किसी काम से जा रहा था। जब वह एलिवेटिड रोड पर पहुंचा तो एक दम से प्लास्टिक डोर अटक गई। उसके चेहरे पर लगी डोर को जब तक वह निकालता, बाइक रोकने के चक्कर में गिर गया। इतने में डोर उसे बुरी तरह से घायल कर चुकी थी। जिसके बाद उसे लोगों ने अस्पताल पहुंचाया। कमलदीप ने बताया कि अगर इतनी सख्ती के बाद भी दुकानदार डोर बेचने में कामयाब रहे हैं तो यह प्रशासन की नाकामी है। बाकी डोर से पतंग उड़ाने वालों को भी सोचना चाहिए कि राहगीरों की जान की कीमत भी है और पक्षियों की जान की कीमत भी है। इससे पहले भी जगरांव इलाके में एक व्यक्ति डोर की चपेट में आया तो उसके मुंह और माथे पर करीब पचास टांगे लगाए गए थे। इसके अलावा खन्ना में भी एक बच्चे के 120 के करीब टांगे चेहरे पर लगे। इसके बाद भी लोग धड़ल्ले से डोर से पतंग उड़ा रहे हैं।