अमृतसर। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री प्रो. लक्ष्मीकांता चावला ने कहा कि पंजाब सरकार ने अमृतसर को पवित्र नगरी बनाने के नाम पर केवल दुकानदारों, होटल मालिकों और छोटे व्यवसायियों को तंग किया है, जबकि शहर के बाकी हिस्सों में गंदगी, कूड़ा, आवारा जानवर और मच्छर-मक्खियों का आतंक जारी है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी योजना का शहर को कोई लाभ नहीं मिला और बड़े क्लब, पब और मैरिज पैलेसों में शराब और अश्लीलता खुलेआम चल रही है। प्रो. चावला ने सवाल उठाया कि क्या कटे फटे पशुओं के शरीर लटकने और बूचड़खानों को पवित्रता का प्रमाण माना जा सकता है। उनका कहना है कि सरकार केवल गरीबों पर दबाव बनाने के लिए पवित्रता का झूठा प्रचार कर रही है, जबकि पूरे शहर और देश को पवित्र बनाने की जिम्मेदारी नहीं निभाई जा रही। उन्होंने प्रशासन और सरकारी अमले पर चापलूसी करने का भी आरोप लगाया। संवाद