विधायक ने चाबी न मिलने पर स्टोर का ताला तुड़वा किया निरीक्षण, एसएमओ बोले- लापरवाही की जांच होगी
संवाद न्यूज एजेंसी
खन्ना। सरकारी अस्पताल समराला के अस्पताल के स्टोर में रखी करोड़ों रुपये की दवाएं एक्सपायर हो गईं। इस बात का खुलासा समराला के विधायक जगतार सिंह दयालपुरा ने किया। वह मामला ध्यान में आने पर अस्पताल में निरीक्षण करने गए थे। स्टोर की चाबी न मिलने के कारण स्टोर का ताला तुड़वाया तो एक्सपायरी दवाओं का जखीरा मिला। इधर, एसएमओ का कहना है कि लापरवाही कैसे हुई, इसकी जांच की जाएगी।
वहीं, मरीजों का कहना है कि डॉक्टर मरीजों को दवाइयां लिखकर देते हैं, लेकिन अस्पताल में दवाई न होने की बात कहकर टाल दिया जाता है। इधर, दूसरी ओर दवाइयां अलमारी में पड़ी-पड़ी एक्सपायर हो रही हैं। विधायक ने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से जरूरतमंद लोगों को हर प्रकार की दवा उपलब्ध कराने के मकसद से सिविल अस्पताल में समय पर दवाएं भेजी जा रही हैं। ये दवाएं मरीजों तक क्यों नहीं पहुंच सकीं। इसके पीछे किसकी लापरवाही रही। वे सेहत मंत्री से जांच की मांग करेंगे।
विधायक ने बताया कि वर्ष 2021-22 की दवाएं एक्सपायर हो चुकी हैं। इन्हें नियमों के मुताबिक नष्ट भी नहीं किया गया। सिविल अस्पताल में पहले ही डिमांड के मुताबिक दवाएं आती हैं। फिर इतनी दवाएं कैसे बच गईं।
इधर, एसएमओ डाॅ. तारक जोत सिंह ने बताया कि डिमांड से 10 फीसदी अधिक दवाएं अस्पताल को भेजी जाती हैं। दवाओं का वितरण फार्मेसी अफसर ने करना होता है। उनके एक फार्मेसी अफसर की ड्यूटी लुधियाना जेल में लगी है। दूसरे की चंडीगढ़। एक ही फार्मेसी अफसर अस्पताल में है। अभी शुक्रवार को ही इस संबंध में कमेटी बनाई थी। कमेटी सरकार की हिदायतों के मुताबिक दवाओं को बायो मेडिकल वेस्ट प्लांट वालों को देगी। बाकी इसमें किसकी लापरवाही रही है, उसकी जांच होगी।