नाभा-अमलोह रोड पर गांव चहल के पास पड़ते टोल टैक्स बैरियर पर शनिवार दोपहर टोल पर्ची को लेकर एक निजी बस और टोल टैक्स कर्मियों के बीच खूनी झड़प हो गई। इसमें कंडक्टर और चालक जख्मी हो गए। गंभीर हालत में कंडक्टर को राजिंदरा अस्पताल पटियाला रेफर कर दिया गया। पुलिस ने लोगों की शिकायत पर पांच कर्मियों को हिरासत में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार टिवाना कंपनी की बस दोपहर एक बजे टोल प्लाजा पर पहुंची। बस की पर्ची को लेकर टोल बैरियर कर्मियों से चालक और कंडक्टर की बहस हो गई। इसके बाद 5-6 टोल बैरियर कर्मियों ने बस कंडक्टर और ड्राइवर पर बेसबाल ओर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। इस हमले में बस कंडक्टर और चालक समेत बस की सवारियों को भी चोट आई। गंभीर हालत में बस कंडक्टर को पटियाला के राजिंदरा अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहीं चालक को भादसों के सिविल अस्पताल में भरती करवाया गया है। टोल प्लाजा के कर्मचारियों के हमले से नाराज बस सवार लोगों ने टोल प्लाजा में तोड़फोड़ की। एसएचओ भादसों सुरिंदर भल्ला ने कहा कि जांच के बाद मामला दर्ज कर आरोपियों पर बनती कार्रवाई की जाएगी।
बस चालक मोनू ने बताया कि वह शनिवार को बस लेकर पटियाला से लुधियाना जा रहे थे। सुबह करीब 9 बजे वह गांव चहल के टोल प्लाजा पर पहुंचे तो वहां पर भीड़ होने के कारण बस को दूसरी साइड से निकाल लिया और पर्ची के पैसे दे दिए। जल्दी में वह पर्ची लेना भूल गए। दोपहर को वापसी में वह टोल प्लाजा पर पहुंचे तो टोल के कर्मचारी ने उनके साथ पर्ची को लेकर झगड़ा शुरू कर दिया और हाथापाई की। इसमें बस के कंडक्टर काला को गंभीर चोटें आई।
टोल प्लाजा के सहायक प्रबंधक पीके त्यागी ने कहा कि बस के चालक ने सुबह कोई पर्ची नहीं कटवाई थी। जब टोल प्लाजा के कर्मचारियों की तरफ से बस के कंडक्टर को पर्ची के बारे में पूछा तो वह खुद उनसे झगड़ पड़े।
झगड़े की सूचना मिलते ही कांग्रेस के नाभा से विधायक साधू सिंह धर्मसोत भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की तरफ से हर चीज पर टैक्स लगा रखा है। वह सरकार के कारिंदों की इस धक्केशाही की निंदा करते हैं और इसे कदापि बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और बनती कार्रवाई की मांग करते हैं।