ज्युडीशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास मेघा धालीवाल की अदालत ने कोतवाली पुलिस को नाबालिग दलित लड़की के साथ हुए दुराचार के मामले में तलब किया है।
अदालत ने अपने नोटिस में कोतवाली पुलिस को आदेश दिए हैं कि वह अदालत में उक्त मामले के बारे में पूरी रिपोर्ट पेश करें। वहीं कोतवाली पुलिस प्रभारी संजीव मित्तल ने कहा कि वे इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते। पीड़िता के वकील कमलजीत सिंह ने बताया कि बीते साल दिसंबर माह में एक दलित युवती ने कोतवाली पुलिस के पास शिकायत दी थी कि फरीदकोट के रहने वाले गगनदीप सिंह ने एक होटल में उसके साथ दुराचार किया।
वहीं पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़िता ने कोतवाली पुलिस के एएसआई अंग्रेज सिंह को जो अपने नाबालिग होने के स्कूल के सर्टिफिकेट पेश किया था, उसको भी एएसआई ने फाड़ दिया। पीड़िता के वकील ने बताया कि इसके बाद उन्होंने कोतवाली पुलिस के खिलाफ अदालत में अर्जी पेश की। इस पर ज्युडीशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास मेघा धालीवाल की अदालत ने उक्त मामले को गंभीरता से लेते हुए कोतवाली पुलिस को पांच अप्रैल को अदालत में पेश होकर उक्त मामले के बारे में पूरी रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं।
इस बारे में कोतवाली पुलिस प्रभारी संजीव मित्तल का पक्ष जानना चाहा तो पहले उन्होंने उक्त मामले से अपने आप को अनजान बताया और बाद में मामला ध्यान में होने का कहते हुए कहा कि वे इस मामले पर कुछ नहीं कर सकते। अगर अदालत की तरफ से उनको कोई नोटिस मिलेगा तो वे जरूर जवाब देंगे। एएसआई अंग्रेज सिंह पर पीड़ित लड़की की ओर से लगाए गए आरोपों के बारे में जब उनसे बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन पर लगाए जा रहे सभी आरोप झूठे हैं।