मोटरसाइकिल चोरी के एक मामले में पार्किंग के कारिंदे को पुलिस ने इस कदर टार्चर किया कि युवक ने जहर निगल लिया। परिजन उसे अस्पताल ले गए। उसकी जान तो बच गई है लेकिन वह बोल नहीं पा रहा है। पार्किंग में कोई चोरी की बाइक खड़ी कर गया था और इसी सिलसिले में पुलिस कारिंदे अमृतपाल को पूछताछ के लिए लेकर गई थी।
जानकारी के अनुसार ऋषि नगर का रहने वाला अमृतपाल सिंह उर्फ लाडी सिल्वर आर्क के बाहर बनी पार्किंग में पांच दिन पहले दिहाड़ी पर काम करने लगा था। बुधवार को कोई युवक पार्किंग में चोरीशुदा बाइक खड़ी कर चला गया। जिस युवक की बाइक चोरी हुई थी, वह ढूंढता हुआ सिल्वर आर्क के बाहर बनी सर्विस लेन की पार्किंग में पहुंचा। वहां उसे अपनी बाइक मिल गई। मोटरसाइकिल मालिक ने लाडी से बाइक खड़ी करने वाले युवक के बारे में पूछा, लेकिन उसने कुछ मालूम होने से इंकार कर दिया। इसके बाद वह युवक थाना डिवीजन नंबर-5 की पुलिस के पास पहुंचा।
वहां से एक एएसआई लाडी को अपने साथ थाने ले गया। जहां उसने लाडी को टार्चर कर बाइक पार्क करने वाले युवक के बारे में पूछताछ की। लाडी का एक ही जवाब था कि वह कुछ नहीं जानता। इसके बाद वीरवार को पार्किंग मैनेजर और उसके परिजन लाडी को पुलिस हिरासत से छुड़ा लाए।
लाडी की मां भूपिंदर कौर ने कहा कि लाडी घर आने के बाद भी बहुत ही घबराया और डरा हुआ था। इसके बाद उसने खुदकुशी करने के लिए जहर निगल लिया। उन्होंने लाडी को पास के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां उसकी जान तो बच गई, मगर उसके बोलने की क्षमता पर काफी प्रभाव पड़ा है। भूपिंदर कौर ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसके बेटे को बहुत टार्चर किया, जिस कारण उसने यह कदम उठाया है। पुलिस ने बिना पर्चा दर्ज किए ही लाडी को हिरासत में लिया और उसे टार्चर किया।
अभी मेरे ध्यान में ऐसा कोई मामला नहीं आया है। अगर किसी मुलाजिम ने बिना एफआईआर दर्ज किए ऐसा काम किया है तो उसकी जांच की जाएगी। जांच के बाद पुलिस मुलाजिम के खिलाफ बनती कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. नरेंद्र भार्गव, डीसीपी, लुधियाना