महिला पर समझौता करने का दबाव बनाने के लिए शेरपुर चौकी के एक कांस्टेबल ने उसके तीन भाइयों को हवालात में बंद कर दिया। महिला ने आरोप लगाया कि कांस्टेबल ने खुद ही एक खाली कागज पर समझौता लिखा।
उनके दस्तखत कराने के बाद अधिकारियों को सूचना दी और उन्हें एक घंटे बाद छोड़ा। कुलदीप नगर की रहने वाली मिनी नाम की महिला ने इसकी शिकायत एडीसीपी हेडक्वार्टर ध्रुव दहिया के पास दी है। अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। कुलदीप नगर की रहने वाली मिनी ने बताया कि उसका अपने पति के साथ घरेलू क्लेश के चलते विवाद चल रहा था।
मामला शेरपुर चौकी तक चला गया। मामले की जांच कर रहे कांस्टेबल जोगिंदरपाल ने उन्हें चौकी बुलाया था। वह अपने मौसा, मौसी और तीन भाई अरुण कुमार, मुनीष कुमार और सनी को साथ लेकर चौकी चली गई। पहले तो हवलदार ने उनपर समझौते का दबाव बनाया जब उन्होंने समझौता करने से मना कर दिया तो हवलदार ने अपनी वर्दी का रौब दिखाते हुए उसके तीनों भाइयों को हवालात में बंद कर दिया। करीब 45 मिनट तीनाें को हवालात में रखने के बाद खुद हवलदार ने राजीनामा लिखा और जबरन उससे हस्ताक्षर करवा लिए। उसके बाद ही उसके भाइयों को हवालात से बाहर निकाला गया। इसके बाद उसने आला अधिकारियों को सूचित किया।
उसके बाद ही वह चौकी से बाहर आ पाए। इस मामले में एडीसीपी हेड क्वार्र्टर ध्रुव दहिया ने कहा कि उनके पास मामले की शिकायत आई है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं कांस्टेबल जोगिंदरपाल ने मिनी की ओर से लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया है।