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बठिंडा में नकली प्लैटलेट्स से भरा टैंकर बरामद

Mon, 13 Jun 2016 09:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा
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बठिंडा में काउंटर इंटेलिजेंस पुलिस की तरफ से बरामद गाड़ी से नकली प्लैटलेट्स निकालते अधिकारी । - फोटो : अमर उजाला
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काउंटर इंटेलिजेंस पुुलिस और सेहत विभाग नेे गांव बहमण दिवाना के पास स्थित एक घर में छापामारी कर वहां से नकली प्लैटलेट्स से भरे टैंकर को बरामद किया है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ थाना सदर में केस दर्ज कर लिया है। आरोपियों की पहचान आदेश अस्पताल के लैब टेक्नीशियन दिलबाग सिंह निवासी दिल्ली, मैक्स अस्पताल के लैब टेक्नीशियन  परमजीत सिंह, परमजीत और टैंकर चालक लाल बहादुर निवासी उत्तर प्रदेश के तौर पर हुई है। 
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सेहत विभाग के जोनल लाइसेंसिंग अथॉरिटी अफसर अमित दुुग्गल ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि गांव बहमण दिवाना केे पास स्थित एक मकान में बीते कई दिनों से एक संदेहजनक टैंकर खड़ा है, जो हर समय स्टार्ट रहता है। वहां पर छापामारी के दौरान टैंकर को जब्त कर उसमें से करीब 21 हजार 752 प्लैटलेट्स की थैलियां बरामद की र्गइं, जो जांच के दौरान फर्जी पाए गए। 

उन्होंने बताया कि उक्त बरामद थैलियों में 250 से लेकर 350 ग्राम तक प्लैटलेट्स है। उनका कहना था कि उन्होेंने 60 थैलियों को सैंपल के लिए रखकर बाकी को सील कर दिया है। उन्होंने बताया कि उक्त थैलियों के सैंपल दिल्ली में स्थित विभाग की लेबोरेटरी में भेजे जाएंगे। सेहत विभाग और पुलिस ने उक्त आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद आदेश अस्पताल में भी चेकिंग की, वहां से कुछ भी हाथ नहंी लगा। सेहत विभाग के अफसर का कहना था कि अभी जांच जारी है। वह मैक्स अस्पताल में भी चेकिंग करेंगे। 
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आरोपी दिलबाग सिंह ने पूछताछ में माना कि उसने रिलायंस कंपनी को प्लैटलेट्स देने के लिए 20 लाख रुपये लिए थे। इसके बाद उसने यह सब अपने उक्त तीन साथियों के साथ मिलकर तैयार किया। सोमवार को उसने उक्त नकली प्लैटलेट्स को लेकर मुंबई के लिए रवाना होना था। 

सेहत विभाग के अधिकारी के अनुसार उक्त आरोपियों ने खून न मिलने पर नकली प्लैटलेट्स तैयार करने के लिए 4 हजार लीटर दूध, 500 अंडे, 1 किलो मीठा सोडा, 3 किलो रिफाइंड तेल को उपयोग किया था। सेहत विभाग के अनुसार उक्त तैयार किए गए नकली प्लैटलेट्स की पीएच 7 है, जो पूरी तरह तेजाब है। सेहत विभाग के अनुसार अगर यह प्लैटलेट्स किसी व्यक्ति को लग जाते तो उसकी जान भी जा सकती थी। 

आदेश अस्पताल के प्रबंधक डॉ. हरिंदर गिल ने कहा कि उन्हें स्टाफ के लोगों का नाम नहीं याद रहता, इस लिए उनको इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। मैक्स अस्पताल के के जीएम ऑपरेशन सुनील मेहता ने फोन नहीं उठाया। वहीं मैक्स अस्पताल से संबंधित नीतिश ने बताया कि परमजीत सिंह करीब दो सालों से अस्पताल की लैब में है, लेकिन रविवार को वह छुट्टी पर था। वह सोमवार को ड्यूटी से गैर हाजिर था। उनका कहना था कि इस मामले में मैक्स अस्पताल का कोई संबंध नहीं है।
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