नकली प्लेटलेट्स मामले में सूत्रधार रिलायंस के मैनेजर जहीर वोहरा का शनिवार को पांच दिन का पुलिस रिमांड समाप्त होने पर फिर से उसे अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर और भेज दिया है।
सूत्रों के अनुसार आरोपी जहीर वोहरा ने पूछताछ में पुलिस को बताया है कि कंपनी के कहने पर ही उसने यह कांट्रेक्ट किया था। उसने पूछताछ के दौरान बताया है कि उसका अपना खुद का इस मामले से कोई लेना देना नही है। रिलायंस के मैनेजर बोरा ने पुलिस रिमांड के पांच दिन में पुलिस को कोई खास सुराग नहीं दिया।
इसके चलते पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस के लिए यह पता लगाना सबसे बड़ी पहेली बना हुआ है कि आखिर रिलायंस ने एक लैब टेक्नीशियन के साथ इतना बड़ा सौदा कैसे किया गया। इसके बारे में पता लगाने के लिए पुलिस अधिकारी बोरा के तीन दिन का पुलिस रिमांड हासिल करने को कह रहे हैं।
खुले में खड़े ट्रक, मंडरा रहा खतरा
नकली प्लेटलेट्स की 21 हजार 752 थैलियों सहित पकड़े गए ट्रक दोनों विभागों के बीच पिस रहे हैं। सेहत विभाग ने उक्त नकली प्लेटलेट्स को नष्ट करने के लिए मंजूरी तो ले ली है वहीं पुलिस यह मान रही है कि नकली प्लेटलेट्स की जो भी रिपोर्ट आएगी वह इस मामले को मजबूत करेगी।
इसके चलते 13 जून से लेकर अब तक नकली प्लेटलेट्स से भरा ट्रक सिविल अस्पताल में खुले आसमान तले ही खड़ा है। इसके चलते शहर के लोगों पर 24 घंटे खतरा मंडरा रहा है। सेहत विभाग भी यह बात कबूल चुका है कि अगर नकली प्लेटलेट्स की बदबू फैल जाए तो लोग गंभीर बीमारियों का शिकार हो सकते हैं।