जेल में सो रहे कैदी संजीव कुमार की हत्या के मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। हत्या के आरोपी अरुण कुमार को थाना डिवीजन नंबर सात की पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई थी। आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया है कि उसने संजीव की हत्या बलि देने के लिए, बल्कि उसकी हरकतों से दुखी होकर की थी।
अरुण कुमार का आरोप है कि संजीव कुमार उसे जबरन नशा देकर उसके साथ कुकर्म करता था। संजीव के साथ कुछ ओर कैदी, हवालाती भी मिले हुए थे, लेकिन सबसे ज्यादा तंग उसे संजीव करता था। अरुण का आरोप है कि उसने इस बात की शिकायत जेल सुपरिंटेंडेंट से भी की, मगर उन्होंने भी संजीव के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया।
मामला 24 अगस्त का है। पहले से हत्या की सजा काट रहे कैदी अरुण कुमार ने बैरक में रहने वाले दूसरे कैदी संजीव कुमार की ईंट मारकर हत्या कर दी थी। संजीव भी हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था। पुलिस का कहना था कि अरुण अक्सर मां काली की पूजा करता था।
इसलिए उसने बलि देने के लिए संजीव की हत्या की थी। थाना डिवीजन नंबर 7 की पुलिस ने अरुण के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। ताजपुर चौकी प्रभारी हरभजन सिंह का कहना है कि साथी कैदी की हत्या के मामले में अरुण कुमार को एक दिन के प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया है।
अरुण का कहना है कि उसने आत्महत्या करने का प्रयास भी किया, मगर वह बच गया। जब संजीव की हरकतें हद से गुजर गई, तो उसने हत्या की साजिश रची। जब सुबह वह सो रहा था, तब उसके सिर पर ईंट मारकर उसकी हत्या कर दी।
अरुण जो भी आरोप लगा रहा है, वह गलत है। उसके साथ जेल में कुछ गलत नहीं हुआ। बाकी पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी।
सुरिंदर पाल खन्ना, जेल सुपरिंटेंडेंट
लुधियाना सेंट्रल जेल में ऐसा कुछ हुआ है। ये बात उनके संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा कुछ हुआ है, तो मामला गंभीर है। वह अपने तौर पर पता कर इसकी जांच करवाएंगे।
एमके तिवारी, एडीजीपी जेल