लुधियाना के डाबा की गिल कॉलोनी में शक्ति सिंह की हत्या के पीछे चोरी के सामान को बेचने से मिले पैसों के बंटवारे और साथी की बहन से छेड़छाड़ का विवाद सामने आया है।
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, आरोपियों ने पहले शक्ति सिंह को समझाने की कोशिश की लेकिन बात नहीं बनी तो तेजधार हथियारों से उस पर हमला कर दिया। वारदात के बाद आरोपी उसका एक हाथ काटकर अपने साथ ले गए। पुलिस ने मामले में लखवीर सिंह विक्की और दलबीर सिंह उर्फ सीडी उर्फ दीपू को गिरफ्तार किया है। दोनों को अदालत ने तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने कुछ समय पहले एक दुकान से सामान चोरी किया था। इसे सस्ते भाव में बेचने के बाद मिले पैसों के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। इसके साथ ही शक्ति सिंह पर अपने साथी की बहन को गलत नजर से देखने का भी आरोप है।
शुक्रवार रात विक्की के घर में काफी देर तक बहस होती रही। शनिवार सुबह फिर कहासुनी हुई और विवाद ने खूनी रूप ले लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपियों ने करीब दस मिनट तक घर में शक्ति सिंह पर तेजधार हथियारों से हमला किया। उसका एक हाथ काटकर साथ ले गए, जबकि दूसरी बाजू, टांगों और सिर पर भी गंभीर चोटें पहुंचाईं। बाहर मौजूद लोगों को आरोपियों ने धमकाया कि किसी ने पुलिस को कुछ बताया तो उसका भी यही अंजाम होगा। सामने के घर में रहने वाले परिवार ने शीशे से घटना देखी तो आरोपियों ने उनके गेट पर भी हथियार मारा। इससे डरे लोग आरोपियों के जाने के बाद ही बाहर निकले।
घायल शक्ति सिंह की आवाजें सुनकर लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस और एंबुलेंस पहुंचने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। पुलिस पहले घर में कटा हाथ तलाशती रही, लेकिन बाद में पता चला कि आरोपी उसे करीब डेढ़ किलोमीटर दूर राणा करियाना स्टोर के बाहर रख गए थे। दुकानदार को भी धमकाया गया था।
मृतक पर भी दर्ज थे करीब 12 मामले
थाना डाबा के एसएचओ इंस्पेक्टर जतिंदर कुमार के मुताबिक, शक्ति सिंह के खिलाफ महानगर के अलग-अलग थानों में मारपीट, चोरी और लूटपाट समेत करीब 12 मामले दर्ज थे। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस फरार आरोपियों राहुल बेवड़ा, माणा, गगन ढिल्लो, लाडो, मनी बाशा और अन्य की तलाश में दबिश दे रही है। पुलिस पैसों के बंटवारे समेत विवाद के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।