जगरांव पुलिस ने पाकिस्तान से हेरोइन और हथियार लाकर सप्लाई करने वाले मोस्ट वांटेड सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से एक किलो हेरोइन, रिवाल्वर, 52 लाख रुपये, तीन पाकिस्तानी और भारतीय मोबाइल, सिम, डायरियां, लैपटॉप और गहने बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार दोनों भाइयों के खिलाफ पहले भी पंजाब के विभिन्न थानों में सात मामले, 108 किलो हेरोइन की बरामदगी और 22 किलो अफीम की बरामदगी के मामले दर्ज हैं। आरोपियों ने साहनेवाल में डीआरआई की टीम पर भी फायरिंग की थी। आरोपियों का एक साथी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। आरोपियों के इस हाइप्रोफाइल धंधे के तार पाकिस्तान के अलावा कई देशों के साथ जुड़े हैं। शुक्रवार को जिला पुलिस मुख्यालय में आयोजित कांफ्रेंस में जगरांव के एसएसपी रवचरण सिंह बराड़ ने यह खुलासा किया।
बराड़ ने कहा कि पुलिस को देर शाम सूचना मिली थी कि हथियार, अफीम और हेरोइन के तस्कर इलाके में नशे की आपूर्ति करने आ रहे हैं। सूचना मिलते ही एसएसपी बराड़ ने डीएसपी हरिंदर पाल परमार समेत अधिकारियों की टीम बनाई। टीम ने अखाड़ा नहर के पुल के पास छापा मारा और वहां खड़े दो व्यक्तियों को काबू कर लिया। जबकि एक व्यक्ति कार में फरार हो गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमोलक सिंह और उसके भाई हरपाल सिंह गांव ठट्ठा तरनतारन के तौर पर हुई है। उनके कब्जे से एक किलो सौ ग्राम हेरोइन और एक रिवाल्वर समेत 500 कारतूस बरामद हुए। एसएसपी बराड़ ने कहा कि दोनों भाई 25 साल से हेरोइन की तस्करी में शामिल हैं। आरोपियों ने अपने फरार साथी का नाम अमनदीप सिंह बताया है। पुलिस उसकी भी तलाश कर रही है। तीनों ने मिल कर पाक से हेरोइन और हथियार मंगवाकर बड़ी संख्या में यहां सप्लाई किए हैं। हेरोइन तस्करी के दौरान 2003 में इन्होंने साहनेवाल में डीआरआई और पुलिस पार्टी पर फायरिंग भी की थी।
एसएसपी ने कहा कि तीनों तस्कर लुधियाना के पक्खोवाल रोड स्थित ओमेक्स फ्लैट में रह रहे थे। फ्लैट की तलाशी लेने पर वहां से 52 लाख 65 हजार 200 रुपये नकद, सिम के साथ 41 मोबाइल सेट मिले। इनमें तीन सिम और मोबाइल पाकिस्तानी हैं। इसके अलावा कुछ डायरियां, सीडी और लैपटॉप भी बरामद किए गए हैं। इनको खंगालने के बाद इस धंधे में और कई खुलासे होने की संभावना है। आरोपियों ने माना है कि उनके पाकिस्तान में संबंध हैं।