थाना सरहिंद के एसएचओ सुविंदर पाल पर 25 साल के करम सिंह को गैरकानूनी तौर
पर हिरासत में रखने के आरोप लगे हैं। युवक के परिजन उसे छुड़वाने के लिए
हाईकोर्ट पहुंचे। हाईकोर्ट के आदेश पर वारेंट अफसर ने थाने का दौरा किया,
जिसके बाद युवक को छोड़ दिया गया। पीड़ित के भाई ने आरोप लगाया कि उसके भाई
को हिरासत में थर्ड डिग्री दी गई। उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती
करवाया गया है। मामले में शुक्रवार को एसएचओ हाईकोर्ट के सामने पेश होंगे।
पीड़ित
के भाई राम सिंह ने बताया कि करम सिंह ऑटो चलाता है। कुछ दिन पहले
इलेक्ट्रिक की दुकान से बैटरियां चोरी हो गई थी। उस मामले में किसी ने करम
सिंह के खिलाफ शिकायत दी थी। आठ मई को सरहिंद थाना के एएसआई पृथ्वीराज करम
सिंह को रिमट कॉलेज के पास से इस मामले में पूछताछ के लिए थाने ले जाने आए
थे। उसका भाई डर के मारे वहां से भाग गया।
इसके बाद वे करम सिंह को लेकर
खुद थाने गए थे। वहां थाना प्रभारी सुविंदर पाल ने उसके भाई से अकेले में
बात करने को कहकर उन्हें वापस जाने को कहा। दूसरे दिन जब वह अपने भाई को
लेने थाने गए तो पुलिस टालमटोल करने लगी। यह सिलसिला पांच दिन चलता रहा।
परेशान होकर उन्होंने हाईकोर्ट में अपील दायर की। 11 मई की शाम को जज
फतेहदीप सिंह की अदालत ने करम सिंह को सरहिंद थाने से छुड़वाने के लिए
वारेंट अफसर को भेजा। वारेंट अफसर राजिंदर सिंह ने थाने के एफआईआर रजिस्टर
को सील कर दिया ताकि किसी भी प्रकार की झूठी एफआईआर दर्ज न की जा सके।
मामले के बारे में जानने पर 12 मई को पूर्व डीजीपी शशिकांत ने सरहिंद थाना
का दौरा किया था। उसने पूर्व डीजीपी शशिकांत से भाई को छुड़वाने की अपील की
थी।
इसके बाद पुलिस ने उसी दिन दोपहर डेढ़ बजे करम सिंह को सरहिंद
फ्लोटिंग पर उनके सुपुर्द कर दिया और बाद में उसका ऑटो भी दे दिया। पीड़ित
के भाई राम सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसके भाई पर थर्ड डिग्री
इस्तेमाल की। करम सिंह चलने-फिरने में दिक्कत महसूस कर रहा है और तीन दिन
तक एमएलआर कटवाने के बाद भी कोई पुलिस अधिकारी उसके बयान दर्ज करने नहीं
आया है। करम सिंह के वकील सतनाम सिंह ने बताया कि वह संबंधित पुलिस
अधिकारियों पर फौजदारी केस दायर करेंगे।
आरोप बेबुनियाद : एएसआई
मैंने
किसी को हिरासत में नहीं रखा और न ही कोई थर्ड डिग्री इस्तेमाल की। मुझ पर
झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। मैं शुक्रवार को हाईकोर्ट में पेशी के दौरान
सारी सच्चाई बता दूंगा और जरूरत पड़ने पर खुद पर लगे आरोपों के खिलाफ
हाईकोर्ट में केस दायर भी कर सकता हूं।
सुविंदर पाल, एसएचओ, सरहिंद थाना