एनआरआई की मौत के बाद जाली कागज बनवाकर जमीन जायदाद पर कब्जा करने के मामले में थाना जगरांव की पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामला एनआरआई जगमिंदर कौर की शिकायत पर दर्ज किया गया है। आरोपियों की पहचान मंडी मुल्लांपुर में रहने वाले मंजीत सिंह, कांग्रेसी नेता चरणजीत अरोड़ा और हरनेक सिंह के तौर पर हुई है। पुलिस ने मंजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं आरोप है कि कांग्रेसी नेता चरणजीत अरोड़ा को गिरफ्तार करने के लिए गई पुलिस बैरंग ही लौट आई।
शिकायतकर्ता जगमिंदर कौर के पिता राजिंदर सिंह ईस्सेवाल ने कहा कि उनकी बेटी जगमिंदर कौर की दूसरी शादी एनआरआई द्वारका दास के साथ हुई थी। वह आस्ट्रिया में रहते थे। 2010 में उनके यहां बेटा हुआ। आस्ट्रिया में रहने के कारण द्वारका दास ने अपने एक रिश्तेदार मंजीत सोनी के नाम पर सिर्फ केस लड़ने के लिए पावर ऑफ अटार्नी बनाकर दी हुई थी।
मंजीत ने इस अटार्नी की गलत इस्तेमाल कर द्वारका दास की मौत पर दो लोग कांग्रेसी नेता चरणजीत अरोड़ा और हरनेक सिंह को बतौर गवाह बनाते हुए एक जाली वसीयत तैयार करवाई और द्वारका दास की जमीन पर कब्जा करने के लिए माल विभाग में रजिस्टर्ड करने के लिए दी। जब इस मामले के बारे में जगमिंदर कौर को पता लगा तो उसने आस्ट्रिया से एक लिखित शिकायत एनआरआई थाना जगरांव को भेजी।
उसने बताया कि द्वारका दास एक रजिस्टर्ड वसीयत पहले ही अपने लड़के दिलराज दास के नाम पर बना चुका है। शिकायत की लंबी चली पड़ताल के बाद आईजी एनआरआई महिला विंग मोहाली की तरफ से उक्त आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए थे।
राजिंदर सिंह ने कहा कि पुलिस जब चरणजीत अरोड़ा को गिरफ्तार करने के लिए उसके घर पहुंचे तो उसे घर के बाहर खड़ा करने के बाद पुलिस वाले चरणजीत के घर के अंदर गए और करीब दो घंटे बाद उसे गिरफ्तार किए बिना चले गए। राजिंदर सिंह ने कहा कि वह इस मामले आईजी एनआरआई महिला विंग के ध्यान में लाकर कांग्रेसी नेता की गिरफ्तारी की मांग करेंगे।