फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रंजिश में सब्जी मंडी में फायरिंग, आढ़ती की मौत

Tue, 07 Jun 2016 10:04 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
विज्ञापन
कंवलप्रीत ‌ - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
बहादुरके रोड स्थित न्यू सब्जी मंडी में मंगलवार सुबह दो गुटों में विवाद के बाद गोलियां चल गईं। फायरिंग में एक युवा आढ़ती कंवलप्रीत सिंह उर्फ गब्बर को चार गोली लगी, जिससे उसकी मौत हो गई। 
विज्ञापन


घटना की जानकारी मिलते ही थाना जोधेवाल की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटना को अंजाम देने के बाद दूसरे आढ़ती गुट के सदस्य मौके से फरार हो गए।

पुलिस ने मृतक गब्बर के भाई कुलप्रीत सिंह उर्फ रूबल की शिकायत पर राजन, कृपाल सिंह उर्फ पाला, आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सोमनाथ फौजी, बॉबी मशरूम वाला, इंद्रजीत सिंह, अतिंदर सिंह और इकबाल सिंह समेत कुछ अज्ञात युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। 

पुलिस शिकायत में रूबल ने कहा कि मंगलवार सुबह सभी आरोपी उसकी दुकान पर आ गए। वे अपने भाईयों के साथ दुकान पर सामान बेच रहे थे। दूसरे गुट के लोगों ने उनके साथ हाथापाई शुरू कर दी। इसी बीच आरोपियों ने रिवाल्वर निकाल कर गोलियां चलाना शुरू कर दिया। उसके भाई गब्बर को चार गोलियां लगीं। इसके बाद आरोपी फरार हो गए। गब्बर को तुरंत सीएमसी पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद घबराहट में आढ़तियों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं। 
विज्ञापन


थाना प्रभारी अशोक कुमार का कहना है कि पुलिस ने मामला दर्ज करके आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। वहीं सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने कुछ आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। 

कुछ दिन पहले भी हुआ था आपस में विवाद
सब्जी मंडी में पिछले सप्ताह में भी दोनों गुटों के बीच विवाद हुआ था। मंडी में आढ़तियों का कहना है कि एसोसिएशन की प्रधानगी को लेकर और अवैध वसूली को लेकर इनके बीच लगातार ठनी रहती थी। अवैध वसूली के जरिए मंडी में रोजाना लाखों रुपये की कमाई की जाती है। इनको जिले के अकाली नेता का भी आशीर्वाद हासिल है।

आढ़ती एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने शाम को एडीसीपी बलकार सिंह से मुलाकात करके मामले की गहन जांच करने की मांग की है। उनका दावा है कि आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सोमनाथ फौजी और उनके बेटे राजन को गलत फंसाया जा रहा है। घटना के वक्त सोमनाथ अपने घर पर और बेटा राजन दुकान पर सामान बेच रहा था। एडीसीपी ने इस मामले में निष्पक्षता से जांच का भरोसा दिया है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें