जेल में बंद कैदियों से मोबाइल और नशीले पदार्थ पकड़ कर पुख्ता सुरक्षा का दावा करने वाले जेल प्रशासन की पोल उस समय खुल कर सामने आ गई, जब जिला पुलिस ने दो हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया। उन्होंने पूछताछ में बताया कि उनके गिरोह का सरगना जेल में हत्या के आरोप में बंद है और जेल से ही उन्हें हथियारों के बारे में निर्देश मिलते थे। वह उन्हें जेल से ही बताता था कि कौन सा हथियार कहां से लाकर किसे सप्लाई करना है।
डीसीपी डॉ. नरेंद्र भार्गव ने कहा कि गिरोह के दो सदस्यों को डिवीजन छह के एसएचओ ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गिरोह के चार सदस्य पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से सात पिस्तौल और 18 कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस ने इस मामले में बिहार के वैशाली निवासी सुकेश यादव और लुधियाना के नवप्रीत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर उनके फरार चल रहे साथी मनरीत सिंह, गुरबचन सिंह, अजय कुमार और साहिबजोत सिंह का पता लगा रही है। पुलिस ने आरोपियों को ढंढारी रेलवे स्टेशन से उस समय गिरफ्तार किया जब वह बिहार से हथियारों की खेप लेकर स्कोडा कार से जा रहे थे। आरोपियों ने यह सारे हथियार अलग अलग गिरोह के सदस्यों को सप्लाई करने थे।
डीसीपी ने बताया कि पुलिस पूछताछ में पता चला है कि गिरोह के तार पूरे पंजाब के गैंगस्टरों से जुड़े हुए हैं। आरोपियों ने बताया कि इस गिरोह का सरगना मुकेश जेल में बंद है। उसका भाई सुकेश उससे मिलने आता था। वहीं आरोपी नवप्रीत अपने साथी धर्मेंद्र से जेल में मुलाकात करने जाता था। सुकेश और नवप्रीत की मुलाकात वहीं पर हुई। मुकेश ने उन्हें तस्करी के धंधे को चलाने के लिए कहा। जिस पर दोनों राजी हो गए। आरोपी मुकेश ही इन लोगों को जेल से फोन कर बताया करता था कि वह बिहार से हथियार लाकर किस गैंगस्टर को सप्लाई करें। इन आरोपियों के साथ अजय भी इस धंधे में जुड़ गया। आरोपी हथियारों की डिमांड मुकेश को बताते और मुकेश अपने भाई सुकेश के जरिए बिहार से उन्हें हथियार मंगवाकर देता था।
गन हाउस मालिकों का पता लगाने में जुटी है पुलिस
डीसीपी ने कहा कि इस धंधे में कोटकपूरा और महानगर का एक गनहाउस मालिक भी शामिल है। इन दोनों के अलावा पुलिस को मंजीत नाम के तस्कर का भी पता चला है। वहीं हत्या के आरोप में जेल के अंदर बंद मुकेश कुमार को भी पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर लाएगी। पुलिस यह भी जांच करने में जुटी हुई है कि गिरफ्तार आरोपी मुकेश को हथियार बताते थे तो मुकेश जेल के अंदर बैठे ही कैसे उसका इंतजाम करता और बिहार में बैठे तस्करों से कैसे संपर्क करता था। पुलिस यह भी पता करवा रही है कि आरोपी कितने हथियार सप्लाई करवा चुके है।
बिहार से लाकर दो गुने भाव में बेचते थे हथियार
डीसीपी ने कहा कि गिरोह के दोनों सदस्यों से पुलिस ने 9 एमएम की पिस्तौल और 12 कारतूस, 4 पिस्तौल 32 बोर के और 6 कारतूस और एक लाइसेंसी 32 बोर रिवाल्वर बरामद हुए हैं। जांच के दौरान पता चला कि लाइसेंसी रिवाल्वर नवप्रीत की है और उसने सुकेश के कुछ पैसे देने थे जिसके लिए उसने अपना रिवाल्वर उसके पास गारंटी के तौर पर रखा हुआ था। उन्होंने कहा कि आरोपी बिहार से पिस्तौल लाकर उसे दोगुना भाव में बेचते थे। आरोपी ट्रेन के जरिए ही बिहार से हथियार लाते थे।