लुधियाना में एक महिला बैंक कर्मचारी ने 37 लाख का गबन कर डाला। थाना डिवीजन नंबर-3 की पुलिस ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शिंगार सिनेमा रोड शाखा के मैनेजर की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
आरोपी की पहचान दुगरी स्थित ग्लाडा हाइट्स निवासी अमनदीप कौर के रूप में हुई है। वह साल 2023 से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शिंगार सिनेमा रोड शाखा में तैनात थी। फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब अगस्त 2025 में तत्कालीन ब्रांच मैनेजर रविंदर सिंह बैंक की जनरल लेजर डे बुक की रूटीन जांच कर रहे थे। जांच के दौरान 25 अगस्त की एक एंट्री में डेढ़ लाख रुपये की संदिग्ध नकद निकासी दिखाई दी, जिसका बैंक रिकॉर्ड में न तो कोई वाउचर था और न ही उच्च अधिकारियों की अनुमति ली गई थी। शक गहराने पर पिछले रिकॉर्ड खंगाले गए तो 4, 11 और 19 अगस्त को की गई कई अन्य संदिग्ध ट्रांजेक्शन भी सामने आईं।
बैंक प्रबंधन ने इसकी सूचना रीजनल ऑफिस को दी और आंतरिक जांच शुरू कर दी। बैंक की इंटरनल ऑडिट रिपोर्ट में पता चला कि सीनियर असिस्टेंट अमनदीप कौर ने अपने पद का दुरुपयोग कर बैंक के इंटरनल चार्जेज खातों से राशि डेबिट की और उसे सिस्टम सस्पेंस अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया। इसके बाद बिना किसी बिल या वाउचर के वह नकद राशि निकाल ली। जांच में 37 लाख 78 हजार 707 रुपये के गबन की पुष्टि हुई।
पुलिस ने आरोपी अमनदीप कौर के खिलाफ मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहराई से तफ्तीश की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस बड़ी हेराफेरी में क्या बैंक का कोई अन्य कर्मचारी भी शामिल था। आरोपी महिला की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
एसबीआई के 119 एटीएम से तकनीकी छेड़छाड़
लुधियाना में एटीएम के साथ तकनीकी छेड़छाड़ का बड़ा मामला सामने आया है। शातिर आरोपियों ने शहर के विभिन्न हिस्सों में स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के करीब 119 एटीएम से छेड़छाड़ की। इस संबंध में सेशन कोर्ट के आदेश के बाद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ट्रेजरी ब्रांच के मैनेजर अविनाश कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वर्ष 2021 के दौरान कुछ आरोपियों ने शहर के अलग-अलग इलाकों में लगे 119 एटीएम बूथों पर जाकर मशीनों के साथ तकनीकी रूप से छेड़छाड़ की। बताया जा रहा है कि अपराधियों ने शातिराना तरीके से मशीनों के सिस्टम के साथ खिलवाड़ किया और अवैध रूप से कैश निकालने की कोशिश की। बैंक अधिकारियों को जब इस तकनीकी गड़बड़ी और वित्तीय विसंगति का आभास हुआ तो मामले की आंतरिक जांच की गई। इसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। शुरुआती दौर में कार्रवाई न होने पर मामला अदालत तक पहुंचा। इसके बाद लुधियाना सेशन कोर्ट ने पुलिस को तुरंत एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। साइबर क्राइम थाना पुलिस अब बैंक से प्राप्त तकनीकी रिकॉर्ड और ट्रांजेक्शन डेटा को खंगाल रही है। साथ ही जिन 119 एटीएम पर छेड़छाड़ हुई है, वहां के सीसीटीवी फुटेज भी कब्जे में लिए जा रहे हैं ताकि आरोपियों के हुलिए और उनके काम करने के तरीके की पहचान की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह किसी पेशेवर गिरोह का काम हो सकता है।