शेरे पंजाब कालोनी में डॉ. आरके अग्रवाल की पत्नी सरिता अग्रवाल और उनकी मां पुष्पावती अग्रवाल की हत्या उन्हीं के पूर्व ड्राइवर ने की थी। पुलिस ने आरोपी को बाड़ेवाल इलाके से ही गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार को पत्रकार सम्मेलन में पुलिस ने बताया कि इस दोहरे हत्याकांड को पूर्व ड्राइवर सुखदेव सिंह ने अकेले ही अंजाम दिया है।
सुखदेव ने हत्या से चार दिन पहले सरिता से दस हजार रुपये उधार मांगे थे, जो उसे नहीं मिले। इस कारण उसने दोनों की हत्या कर दी। आरोपी हत्याकांड के बाद घर से 1500 रुपये की नगदी और कुछ जेवर लेकर भाग गया था। पुलिस के अनुसार आरोपी हत्याकांड को अंजाम देने के बाद सीधे घर गया और सो गया।
पुलिस कमिश्नर परमराज सिंह उमरानंगल और डीसीपी डॉ. नरेंद्र भार्गव ने कहा कि जांच में सामने आया था कि हत्यारे की घर में आसानी से एंट्री हुई है। पुलिस ने डॉ. आरके अग्रवाल के सभी पहचान वालों की लिस्ट मंगवाई, जिसमें उनके पुराने नौकरों को भी शामिल किया गया था। जांच के दौरान सामने आया कि सुखजीत सिंह डॉ. अग्रवाल के पास ड्राइवर तैनात था। उसने कुछ दिन पहले नौकरी छोड़ दी थी।
दुबई जाने के लिए छोड़ी थी नौकरी
पुलिस कमिश्नर परमराज सिंह उमरानंगल ने कहा कि जांच में पता चला कि सुखजीत सिंह ने डॉक्टर के यहां से नौकरी दुबई जाने के लिए छोड़ी थी, मगर एजेंट ने उसके साथ ठगी की और उसे जाली वीजा दे दिया। उसके बाड़ेवाल इलाके में रहने वाली एक युवती के साथ प्रेम संबंध भी थे। दुबई जाने के चक्कर में उसके संबंध भी टूट गए थे।
हत्याकांड को अंजाम देने से चार दिन पहले वह डॉ. आरके अग्रवाल के घर पहुंचा और उसने सरिता को सारी बात बताकर दस हजार रुपये उधार मांगे। उसने कहा कि वह किसी तरह उस लड़की से उसकी रिश्ते की बात भी चलाए। सरिता ने उसे कहा कि वह डॉक्टर से बात कर उसे पैसे दे देगी। सरिता ने इस बारे में डॉ. अग्रवाल से भी बात की, लेकिन डॉक्टर ने उस बात को हलके में लिया। चार दिन बाद फिर से सुखजीत नशे की हालत में सरिता से पैसे मांगने पहुंचा। सरिता ने फिर वही जवाब दिया कि वह डाक्टर से बात करने के बाद ही उसको पैसे देगी।
इस पर सुखजीत ने एक गमला उठाकर सरिता के सिर पर दे मारा, उसके बाद पास ही पड़ी हथौड़ी से उसके सिर पर वार कर दिया। फिर वह किचन से चाकू लाया और सरिता के गले को रेत कर शरीर पर कई वार किए। चीखने की आवाज सुनकर जब पुष्पावती बाहर आई तो सुखजीत ने उसे भी मौत के घाट उतार दिया। उसके बाद उसने किचन में ही अपने हाथों पर लगा खून धोया और चाकू भी वहीं छोड़ दिया। इसके बाद वह सरिता का पर्स और जेवर लेकर वहां से अपने चेहरे को ढककर फरार हो गया।
जूते पर खून लगा था तो नई चप्पल खरीद ली
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि कुछ दूरी पर जाकर आरोपी ने देखा कि उसके जूतों पर खून लगा है तो उसने जूते उतार दिए और बाहर रेहड़ी से 90 रुपये में नई चप्पल ली। इसके बाद वह अपने घर गया और सो गया। आरोपी के पिता पंजाब रोडवेज में बस ड्राइवर हैं।