डीआईजी मनदीप सिंह सिद्धू की गोद में बच्चा।
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दो लाख रुपये में बच्चे को बेचा जाना था
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि चार अप्रैल को बच्चे को आरोपी मानव अरोड़ा और दमनप्रीत सिंह ने बरनाला अनाज मंडी में झुग्गी-झोपड़ी से अपहरण कर ले गए थे। रास्ते में तीसरा आरोपी आदित्य भी उनके साथ शामिल हो गया। उन्होंने आगे बच्चे को कोहिनूर सिंह और दविंदर सिंह को सौंप दिया जो उसे लुधियाना के सार्थिक हेल्थ केयर मुंडिया खुर्द में आरोपी महिला रविंदर कौर और डॉ. विकास तिवारी के पास ले गए। महिला आरोपी रविंदर कौर ने डॉ. विकास तिवारी के माध्यम से बच्चे को किसी निसंतान दंपती को 2 लाख रुपये में बेचने की साजिश भी रची थी।
मध्यप्रदेश में तांत्रिक अनुष्ठान का बनाया था माहौल
जांच में सामने आया कि बच्चे को लुधियाना से मध्यप्रदेश ले जाना था। आरोपियों ने बच्चे को मध्य प्रदेश में जिस स्थान पर ले जाना था, वहां किसी तरह के तांत्रिक अनुष्ठान का माहौल बनाया हुआ था। इससे ऐसा लग रहा था कि बच्चे की बलि देने की योजना थी। हालांकि वहां बच्चे के साथ क्या किया जाना था इसका पता लगाने के लिए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। आरोपियों से मोटरसाइकिल, कार और एक तकनीकी सामग्री बरामद की गई है।
पुलिस रिमांड में आरोपी कर सकते हैं कई खुलासे
डीआईजी मनदीप सिंह सिद्धू ने कहा कि अकसर कहा जाता है कि पुलिस केवल अमीर लोगों के बच्चों की सुरक्षा करती है। लेकिन इस मामले में यह बच्चा झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले परिवार से ताल्लुक रखता है। इस वजह से पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित बरामद कर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को रिमांड पर लिया गया है और पूछताछ में कई खुलासे हो सकते हैं। आरोपी दमनप्रीत सिंह और आदित्य ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर वर्ष 2023 में लुधियाना में 8 करोड़ रुपये की बैंक डकैती की वारदात को अंजाम दिया था।