फरीदकोट में कुछ दिन पहले गोली मार कर घायल किए गए डेरा प्रेमी गुरदेव सिंह ने शुक्रवार सुबह डीएमसी अस्पताल में दम तोड़ दिया।
गुरदेव की मौत के बाद डीएमसी अस्पताल और सिविल अस्पताल को पुलिस छावनी में तबदील कर दिया गया। सुबह करीब छह बजे पुलिस की कड़ी सुरक्षा में गुरदेव सिंह का शव सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। डॉ. वरुण सग्गड़, डॉ. गुरतजिंदर कौर और डॉ. अविनाश जिंदल के बोर्ड ने गुरदेव का पोस्टमार्टम किया। डॉक्टरों को पोस्टमार्टम करने के लिए सुबह आठ बजे ही बुला लिया गया।
कड़ी सुरक्षा के बीच सिविल अस्पताल में गुरदेव सिंह का पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों ने गुरदेव के सिर में से गोली निकालकर फरीदकोट पुलिस के हवाले कर दी। जब पुलिस ने गुरदेव का शव वारिसों को सौंपने के लिए रिश्तेदारों को बुलाया तो उन्होंने दस्तखत करने से मना कर दिया। उनका तर्क था कि अभी उन्हें शव लेने का आदेश नहीं हुआ है। शव लेने का आदेश करीब चार बजे आया। उसके बाद वह शव लेकर फरीदकोट रवाना हो गए।
डेरा प्रेमी गुरदेव सिंह की मौत की खबर मिलते ही पुलिस कमिश्नर के आदेश पर डीएमसी अस्पताल और सिविल अस्पताल में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। पुलिस ने गुरदेव के परिजनों को शव लेने की बात कही, लेकिन वह नहीं माने। जिस कारण पुलिस फोर्स सारा दिन सिविल अस्पताल में रही।