जिले के गांव मलूका के पास एक अकाली वर्कर को फिल्मी स्टाइल में रिवाल्वर घुमाना इतना महंगा पड़ा कि वह अपनी जान ही गंवा बैठा। उसकी पहचान जगमोहन सिंह निवासी गांव कोठा गुरू का के तौर पर हुई है।
गांव कोठा गुरू निवासी धर्मवीर सिंह अपने दोस्त जगमोहन सिंह और भूपिंदर सिंह के साथ अपनी रिवाल्वर के लाइसेंस को नवीन करवाने के लिए सोमवार बठिंडा आए थे। वे जब वापस जा रहे थे तो गांव मलूका के पास एक रजवाहे पर रुक गए। इसके बाद तीनों ने बार-बार रिवाल्वर हाथ में पकड़ कर तस्वीरें खींचनी शुरू कर दी।
इस दौरान जगमोहन सिंह जब धर्मवीर की रिवाल्वर को अपनी उंगली से फिल्मी स्टाइल में घुमाने लगा तो अचानक उससे गोली निकल गई। यह जगमोहन सिंह के माथे पर जा लगी। इससे उसकी मौके पर मौत हो गई। थाना दयालपुरा पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने मृतक के दोस्तों से पूछताछ की तो पता चला कि तीनों करीबी दोस्त थे और तस्वीरें खींचने के चक्कर में यह हादसा हो गया। पुलिस ने मृतक के बेटे जसकरण सिंह के बयान पर कार्रवाई करने के बाद शव को परिजनों के हवाले कर दिया।