भगत सिंह नगर स्थित एक फैक्टरी में करीब डेढ़ महीने ड्राइवर की नौकरी करने के बाद तनख्वाह लेने गए रिटायर्ड फौजी को उसके मालिकों ने बाहर निकाल दिया। फैक्टरी मालिकों ने उसकी बाइक भी छीन ली। जब रिटायर्ड फौजी का बेटा मोटरसाइकिल लेने गया तो मालिकों ने उसे भी धमकियां देकर भगा दिया।
रिटायर्ड फौजी तरसेम सिंह ने आरोप लगाया कि वह इस मामले में थाना मोती नगर पुलिस के पास शिकायत करने के लिए गया तो पुलिस ने भी कोई सुनवाई नहीं की। उसने महात्मा रावण यूथ फेडरेशन के पदाधिकारियों के साथ मिलकर पुलिस कमिश्नर दफ्तर के बाहर प्रदर्शन कर इंसाफ की मांग की है। पुलिस ने उसे इंसाफ देने का आश्वासन दिया है।
महात्मा रावण यूथ फेडरेशन के मुख्य संचालक रवि बाली ने बताया कि शेरपुर खुर्द के रहने वाले तरसेम सिंह भगत सिंह नगर स्थित एक फैक्टरी में बतौर ड्राइवर काम कर रहा था। डेढ़ महीने काम करने के बाद जब उसने फैक्टरी मालिकों से पैसे मांगे तो उन्होंने मना कर दिया और उल्टा उसे झूठे मामले में फंसाने का डर दिखा उसकी बाइक छीन ली।
पीड़ित तरसेम सिंह ने आरोप लगाया कि बाइक उसके बेटे जसविंदर की थी। उसने अपने पैसे जोड़ कर बाइक ली थी। जब जसविंदर को बाइक का पता चला तो वह फैक्टरी गया। वहां उसके साथ धक्कामुक्की की गई। इससे उसके दिमाग पर सदमा पहुंचा और वह बेहोश हो गया। उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। तरसेम सिंह का आरोप है कि उन्होंने आरोपियों के खिलाफ थाना मोती नगर की पुलिस को शिकायत दी थी, मगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।