नशा तस्करी के मामले में पिछले सात महीने से जेल में बंद महिला बंटी सोमवार को सिविल अस्पताल से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गई। वह सिविल अस्पताल के पिछले रास्ते से होते हुए सड़क पर पहले से इंतजार कर रहे एक मोटरसाइकिल पर बैठ कर भाग गई।
सूचना मिलने के बाद थाना डिवीजन दो की पुलिस भी सिविल अस्पताल पहुंची। पुलिस ने तुरंत इलाके में नाकाबंदी की लेकिन पुलिस को वह मोटरसाइकिल ही नहीं मिला जिसमें बंटी फरार हुई। पुलिस ने इस मामले में महिला विचाराधीन कैदी बंटी और एक अज्ञात युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
जानकारी के अनुसार सलेम टाबरी इलाके में रहने वाली बंटी को करीब सात महीने पहले थाना सलेम टाबरी की पुलिस ने नशा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपी महिला को जेल भेज दिया था। बंटी खुद भी नशा करने की आदी थी तो जेल में नशा न मिलने के कारण उसकी तबीयत खराब होने लगी। जेल प्रशासन ने उसका सिविल अस्पताल के नशा छुड़ाओ केंद्र में इलाज कराना शुरू कर दिया। सोमवार को वह जेल से गार्द लगवा कर सिविल अस्पताल में नशा छुड़ाओ केंद्र से दवाई लेने के लिए आई थी।
दोपहर को जब पुलिस मुलाजिम उसके साथ दवाई लेने के लिए अंदर गई तो मरीज खड़े होने के कारण वह इंतजार करने लगी। सूत्रों के अनुसार जो मुलाजिम बंटी को लेकर डाक्टर के पास गई थी वह अपने साथ एक अन्य कैदी को भी ले गई थी। वह बंटी को वहां खड़ा कर खुद दूसरी कैदी के साथ चली गई। इसी का फायदा उठा कर बंटी वहां से खिसक गई। जब मुलाजिम लौटी तो बंटी को वहां न देख उसने शोर मचा दिया।
सोमवार सुबह महिला कैदियों को लेकर बस सिविल अस्पताल पहुंची। इसमें बंटी भी सवार थी। इस दौरान बंटी की पहचान वाला एक लड़का और लड़की उससे मिलने आए थे। वह काफी समय बंटी के पास खड़े होकर बातें करते रहे थे। इसके बाद मुलाजिम उसे डी एडिक्शन सेंटर लेकर गई तो वह वहां से भागकर पीछे के रास्ते से निकलकर सड़क पर पहुंची। वहां पहले से एक मोटरसाइकिल खड़ा था। करीब 15 दिन पहले इलाज कराने के लिए सिविल अस्पताल में ही आई बंटी ने पहले भी काफी हंगामा किया था।
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पुलिस ने बंटी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस जांच कर रही है कि सिविल अस्पताल में बंटी से मिलने के लिए कौन कौन आया था। जल्द ही आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
अवतार सिंह, एसएचओ, थाना डिवीजन दो
महिला जेल में काफी विचाराधीन कैदी हैं। बंटी अकेली ही ऐसी महिला विचाराधीन कैदी हैं जो नशा करने की आदी है। महिला जेल के अंदर डी एडिक्शन सेंटर न होने के कारण उसे सिविल अस्पताल के डी एडिक्शन सेंटर में इलाज के लिए भेजा जा रहा था। सोमवार को जिला पुलिस की गार्द ही उसे अस्पताल में लेकर गई थी।
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