दो साल पहले आरोपी के पास काम करने आई थी प्रतीक्षा
पुलिस कमिश्नर कुलदीप सिंह चाहल ने बताया कि अनोख मित्तल का बैटरी का कारोबार है और प्रतीक्षा करीब दो साल पहले उसके पास काम करने के लिए आई थी। दुकान पर काम करने के दौरान ही दोनों में नाजायज संबंध बन गए। इसके बारे में अनोख की पत्नी लिप्सी को पता चल गया था। इस कारण दोनों में कई बार झगड़ा होता था। रोजाना झगड़े से परेशान अनोख ने लिप्सी को ही रास्ते से हटाने की प्लानिंग बना ली। ताकि वह प्रतीक्षा से शादी कर अपना घर बसा सके। उसने प्रतीक्षा को भी इस पूरी प्लानिंग के बारे में बता दिया था। गोपी के साथ इस पूरी वारदात को अंजाम देने की प्लानिंग की गई। इसके बाद गोपी के साथ ढाई लाख रुपये में सौदा तय हो गया और 50 हजार रुपये आरोपियों को अनोख ने पहले दे दिया, जबकि बाकी के दो लाख रुपये लिप्सी की हत्या के बाद देने थे।
पति को बचाने गाड़ी से बाहर आई थी लिप्सी
आरोपियों ने पहले अनोख पर जानबूझ कर वार दिया ताकि लिप्सी बाहर आ सके। लिप्सी जैसे ही गाड़ी से बाहर आई तो आरोपियों ने उस पर ताबड़तोड़ वार किए और वारदात को अंजाम दे आरोपी फरार हो गए। इसके बाद अनोख ने प्लानिंग के तहत शोर मचाया और पुलिस को सूचना देकर अस्पताल पहुंचे। आरोपियों ने लिप्सी पर इतने वार किए कि वह अस्पताल पहुंचने के बाद भी बच नहीं सकी। आरोपी अनोख मित्तल बाद में सारा ड्रामा करता रहा ताकि पुलिस को उस पर शक न हो।