सिर्फ दो हजार रुपये में किसी भी यूनिवर्सिटी की जाली डिग्री और शिक्षा बोर्ड के सर्टिफिकेट तैयार कर बेचने के आरोपी को सीआईए स्टाफ की पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से अलग-अलग यूनिवर्सिटी की जाली मोहर और अन्य सामान बरामद किया है। इस मामले में पुलिस ने चंडीगढ़ रोड स्थित जीके स्टेट में रहने वाले आरोहित बंसल के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी को सोमवार को अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस जांच में यही पता चला कि आरोपी ने छोटे से कमरे में ही यूनिवर्सिटी तैयार कर रखी थी। दो हजार रुपये लेकर वह किसी भी यूनिवर्सिटी या फिर किसी भी शिक्षा बोर्ड का जाली सर्टिफिकेट तैयार कर देता था।
जांच अधिकारी गुरमीत सिंह ने कहा कि पुलिस को शिकायत मिली थी कि आरोपी खुद दसवीं तक पढ़ा है। उसके पिता का स्कूल था, लेकिन पिता की मौत के बाद उसने स्कूल बंद कर दिया। काम धंधा न होने की वजह से उसने जाली सर्टिफिकेट तैयार करने शुरू कर दिए। आरोपी कुछ समय बाद ही अपना दफ्तर भी बदल लेता था ताकि किसी को कुछ पता न चल सके।
आरोपी छात्रों को डिमांड के मुताबिक ही डिग्री तैयार कर देता था। आरोपी ने एक वेबसाइट भी बना रखी थी और छात्रों को वहां पर जाली रिजल्ट दिखा देता था। गुरमीत सिंह ने कहा कि आरोपी के गोरखधंधे का खुलासा तब हुआ जब एक छात्र ने उसके द्वारा दिए सर्टिफिकेट को जालंधर पासपोर्ट दफ्तर में लगा दिया। जब अधिकारियों ने इसकी जांच की तो सारी बात सामने आई। पुलिस ने आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया।