थाना शिमलापुरी के प्रभारी गुरबिंदर सिंह को ड्यूटी में कोताही बरतने के आरोप में लाइन हाजिर कर दिया गया है। पुलिस कमिश्नर परमराज सिंह उमरानंगल ने इसकी पुष्टि कर दी है। जानकारी के अनुसार अकाली नेताओं का नजदीकी बताकर बिजली विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर चार लाख रुपये ठगने के मामले में थाना प्रभारी पर गाज गिरी है, जबकि आरोपी अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर है।
थाना शिमलापुरी की पुलिस ने आरोपी कुलजीत सिंह धंजल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। यह मामला पुलिस कमिश्नर को दी शिकायत की जांच के बाद संदीप सिंह के बयान पर दर्ज किया गया था। संदीप सिंह ने बताया कि कुलजीत सिंह उसके पड़ोस में रहता है, जो बिजली बोर्ड की सिलेक्शन कमेटी का सदस्य है और खुद को अकाली नेताओं का नजदीकी बताता है। आरोपी ने उसे अपने रसूख पर बिजली बोर्ड में जेई की नौकरी पर लगवाने का झांसा दिया और चार लाख की मांग की।
रुपये देने के बावजूद जब नौकरी नहीं लगी तो उसने अपने पैसे वापस मांगे। रकम वापस न मिलने पर इसकी शिकायत पुलिस में की गई। आरोपी कुलजीत सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था। सुप्रीम कोर्ट की हिदायत है कि सात साल से कम सजा वाले मामलों में आरोपी को पकड़ने से पहले नोटिस दिया जाए। जब सोमवार को थाना प्रभारी उसे उठा लाए तो गिरफ्तारी के बजाय उनको आरोपी को नोटिस देना पड़ा। मामला आलाधिकारियों के संज्ञान में आया तो मंगलवार को थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया।