‘सरपंच के बेटे ने चुनावी रंजिश में मारा मेरे बेटे को’
नशा तस्कर बताकर मारे गए सोनू की मां ने लगाए आरोप
कहा, गांव की ही एक युवती ने बनाई थी योजना
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा।
गांव भागीबांदर में नशा तस्कर बताकर मारे गए विनोद कुमार उर्फ सोनू की माता सोमा रानी ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे की हत्या चुनावी रंजिश के तहत महिला सरपंच चरणजीत कौर के बेटे राजू ने की है। इसकी योजना गांव की ही एक युवती की ओर से बनाई गई थी। उन्होंने बताया आरोपी केस से बचने के लिए उनके बेेटे को नशा तस्कर का नाम देकर भीड़ की ओर से हत्या किए जाने का कह रहे हैं, जोगलत है।
सोमा रानी ने बताया कि उनका अच्छा काम था, लेकिन 2014 में चुनाव के समय राजू के साथ उनकी मामूली सी बहस हुई थी। इसके बाद राजू ने उनके परिवार को उजाड़ने की ठान ली। बेटे सोनू पर नशा तस्करी का लेबल लगाकर उनके परिवार को गांव से बाहर निकाल दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना वाले दिन भी आरोपियों ने राजू को घर से अगवा कर पहले तेजधार हथियारों से काटा था, फिर गांव में फेंक दिया था। वहीं थाना तलवंडी के प्र्रभारी जगदीश कुमार का कहना है कि पुलिस अभी मामले की जांच कर रही है। मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
पुलिस के लिए मामला बना चुनौती
पुलिस के लिए यह मामला चुनौती बन गया है। क्योंकि गांव वाले पुलिस को चेतावनी दे रहे कि अगर किसी के खिलाफ कार्रवाई की तो वे बडे़ स्तर पर संघर्ष करेंगे। वहीं पीड़ित परिवार ने पुलिस को सात दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर आरोपियों की गिरफ्तारी न हुई तो पूरा परिवार खुदकुशी कर लेगा। पुलिस ने उक्त मामले में मृतक युवक के भाई कुलदीप कुमार के बयान पर राजू व उसके पांच अन्य साथियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने सात अन्य लोगों को हत्या की साजिश रचने के आरोप में नामजद किया है। इसमें गांव की युवती मनदीप कौर बराड़, महिला सरपंच चरणजीत कौर के नाम भी शामिल हैं।
सोशल मीडिया पर मामले में नामजद युवती ने रखी शर्त
इस हत्याकांड में नामजद युवती मनदीप कौर बराड़ सोशल मीडिया पर पुलिस और पीड़ित परिवार के सामने शर्त रख रही है कि अगर पुलिस गांव के किसी भी अन्य व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगी, तो वह खुद पुलिस के सामने पेश हो जाएगी और फांसी पर चढ़ने को भी तैयार है। जैसे ही मनदीप ने यह पोस्ट सोशल मीडिया पर डाला तो लोगों ने कमेंट करना शुरू कर दिया। किसी ने लिखा कि किसी को भी कानून हाथ में लेने इजाज नहीं है। अगर वह नशा तस्कर था तो कानून उसे अपने आप सजा देता, लेकिन आप लोगों ने ऐसा कर एक गलत संदेश दिया है।