तीन साल पहले इटली में मिंटू को मिला था शार्प शूटर शेरा
जेल से पंजाब में अस्थिरता का तानाबाना बुन रहा था आतंकवादी मिंटू
सात हत्याओं के पीछे खालीस्थान लिब्रेशन फोर्स का हाथ आया सामने
आतंकवादी मिंटू और बाई नाम का शख्स देता था इटली से टारगेट
विकास मल्होत्रा
लुधियाना।
दो साल पहले लुधियाना की जनकपुरी स्थित आरएसएस शाखा पर हमले से अब तक सात टारगेट कर हत्याओं के पीछे खालीस्थान लिब्रेशन फोर्स का हाथ था। आतंकवादी हरमिंदर सिंह मिंटू और उसका ग्रुप का इन हत्याओं के पीछे हाथ था। आतंकवादी हरमिंदर सिंह मिंटू जेल में बैठ कर पंजाब में अस्थिरता फैलाने का सारा तानाबाना बुन रहा था। वह धार्मिक नेता और हिंदू संगठनों के लोगों को निशाना बना कर राज्य में दहशत फैलाना चाहता था। इस बात का खुलासा शुक्रवार को डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने किया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इन सभी हत्याओं को अंजाम देने वाला शार्प शूटर हरदीप सिंह शेरा आज से तीन साल पहले इटली में हरमिंदर सिंह मिंटू से मिला था। वहीं मिंटू ने शेरा को प्रभावित कर लिया था। थाईलैंड में मिंटू के पकड़े जाने के बाद मिंटू के स्काइप वाले नंबर से कोई बाई नाम का शक्स पिछले दो वर्षों से लगातार शेरा पर रमनदीप सिंह उर्फ रमन कैनेडियन को टारगेट दे रहा था। जिसके बाद वह लोकल स्तर पर किसी न किसी संगठन के लोगों की हत्या कर दहशत फैलाते थे। इसके लिए फंडिंग इटली, कनाडा और इंग्लैंड से होती थी।
मिंटू ने शेरे को स्काइप की आईडी दी थी
थाना बाघापुराना के एसएचओ जेएस रंधावा ने कहा कि शेरा का सीधा संपर्क आतंकवादी मिंटू के साथ था। वह तीन साल पहले 18 साल की उम्र में मिंटू को इटली में मिला था। वहीं मिंटू के प्रभाव में आया था। वहीं मिंटू ने शेरे को स्काइप की आईडी दी थी। वहीं से वह शेरे के साथ लगातार बात करता था। उन्होंने कहा कि हरमिंदर सिंह मिंटू जब थाइलैंड में गिरफ्तार हो गया तो शेरे ने उसे पता करने के लिए उसी स्काइप नंबर पर बात की। जिसके बाद उस नंबर पर बाई नाम के किसी शख्स ने बात की। जिसके बाद वह उसके संपर्क में हो गया।
इटली से मिलता था निर्देश, लोकल लेवल पर ढूंढते थे टारगेट
पुलिस ने कहा कि आरोपियों को आतंकवादी मिंटू का ग्रुप इटली से ही निर्देश देता था। जिसके बाद वह लोकल टारगेट ढूंढते थे और फिर उसका काम करने के बाद जानकारी इटली भेजते थे। पुलिस ने कहां कि आरएसएस नेता जगदीश गगनेजा की हत्या करने से पहले भी उन्हें टारगेट इटली से मिला था। पादरी सुल्तान मसीह की हत्या के समय भी तरनतारन में एक घटना हुई थी। जिसके बाद उन्होंने किसी ईसाई नेता की हत्या करने के निर्देश मिले थे। जिसके बाद आरोपी रमनदीप और शेरा ने टारगेट ढूंढ कर पादरी सुल्तान मसीह की हत्या कर दी थी।
पांच सालों से अपनी इटली में ताया के पास रहता था आरोपी शेरा
आरोपी हरदीप सिंह शेरा को पांच साल की उम्र में उसके ताया ने गोद ले लिया था और उसे इटली ले गए थे। वह वहां पर कुछ साल रहने के बाद पंजाब वापिस आ गया। कुछ समय पंजाब में रहने के बाद वह फिर से इटली चला गया। फिर वहां इलेक्ट्रानिक का डिप्लोमा किया।
रमन का निशाना नहीं लगा सही तो शेरा ने दुर्गा गुप्ता को मारा
पुलिस के मुताबिक आतंकवादी मिंटी के संपर्क में रमनदीप सिंह उर्फ रमन कैनेडियन भी था। उन्होंने कहा कि रमन को पहले हत्या करने की जिम्मेदारी दी गई थी। उस समय शेरा बाइक चलाता था। रमन कैनेडियन ने पहले 19 जनवरी 2016 को किदवई नगर लुधियाना के शहीदी पार्क में लगी आरएसएस शाखा के नरेश कुमार पर गोली चलाई थी। जिसमें उसका निशाना न लगा। फिर उसने दोबारा शिवसेना नेता अमित पर गोली चलाई। उस समय में गोली सही जगह न लग उसे छू कर चली गई। फिर हत्या की जिम्मेदारी शेरा को दी गई। शेरा ने स्विस मेड एयर पिस्टल ला कर पहले निशाने लगाने की प्रैक्टिस घर में शुरू की। फिर उसने 23 अप्रैल 2016 को खन्ना में शिवसेना पंजाब के नेता दुर्गा गुप्ता को बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार होकर सरेआम गोलियां मार कर हत्या कर दी।
फिर चला हत्याओं का सिलसिला
इसी तरह फिर शेरा ने छह अगस्त 2016 को आरएसएस नेता ब्रिगेडियर जगदीश गगनेजा का जालंधर में हत्या कर दी। फिर 14 जनवरी 2017 को हिंदू नेता अमित शर्मा को दुगाऱ माता मंदिर के पास मौत के घाट उतारा। इस में रमन ने भी गोलियां चलाईं थीं। 25 फरवरी 2017 को डेरा सच्चा सौदा के प्रेमी सतपाल शर्मा और उसके लड़के रमेश का लुधियाना मलेरकोटला रोड पर गांव जगेड़ा के नाम चर्चा घर के बाहर हत्या कर दी। 15 जुलाई 2017 को पादरी सुल्तान मसीह की लुधियाना में पीरू बंदा सलेम टाबरी इलाके में चर्च के बाहर हत्या कर दी। इसके बाद शूटर शेरा ने 17 अक्तूबर को आरएसएस नेता रविंदर गोसाई की गोलियां मार कर हत्या कर दी। हत्याएं करने से करीब एक सप्ताह पहले आरोपियों ने किसे टारगेट कर कब मौत के घाट उतारना है इसकी पूरी तरह से रैकी कर रखी थी, ताकि उनका वार खाली न जा सके।