फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जलालाबाद के जिंमीदार सें 2

विज्ञापन
विज्ञापन
सभी केंद्र
विज्ञापन


28 लाख की ठगी में आठ महीने बाद एसएचओ गिरफ्तार
देर शाम जगराओ कोर्ट में पेश कर लिया तीन दिन का रिमांड
कंवरपाल
हलवारा। फरवरी में थाना सिटी रायकोट में उस समय के एसएचओ सदर कुलदीप सिंह कंग पर जंमीदार से 28 लाख एंठने के दर्ज मामले में आखिरकार आठ महीने बुधवार को विजिलेंस नें गिरप्तार कर लिया है। चर्चा ये थी कि आरोपी कुलदीप सिंह कंग अपने बच्चो के पास आस्ट्रेलिया चला गया है। देर शाम डीएसपी विजिलेंस मंदीप सिंह संधू नें एसएचओ कुलदीप सिंह कंग को माननीय जज मैडम शैरल सोही के सामने पेश किया और सात दिन का रिंमाड मांगा, लेकिन अदालत ने तीन दिन का रिमांड दिया है। अब13 अक्तूबर को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा। गौर हो कि चार फरवरी 2018 को जलालाबाद के गांव घागा खुर्द के रहने वाले एक जिंमीदार से 28 लाख रुपए ऐंठने के आरोप में उस समय के एसएचओ सदर रायकोट पर थाना सिटी रायकोट में मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में एसएचओ कुलदीप सिंह कंग के इलावा लुधियाना निवासी महिला इंद्रजीत कौर उर्फ अमन जो उस समय में बठिंडा के एक अस्पताल में बतौर नर्स तैनात थी का नाम भी शामिल था। दोनों आरोपियों के अलावा दो अन्य लोगों के नाम भी दर्ज थे। आरोपियों पर धारा 384,420,120 बी के अलावा प्रिवेंशन आफ करप्शन एक्ट 1988 की धारा 7 व 13(2) लगाई गई थी। इस केस मे आरोपी नर्स इंद्रजीत कौर अमन ने जगराओं कोर्ट मे सरेंडर कर दिया था।

दोस्त के फॉर्म में छुपा था एसएचओ
सूत्रो की माने तो एसएचओ अपने एक करीबी दोस्त के गांव सहौली स्थित फार्म हाउस पर भेस बदल कर रहता रहा है। इतना ही नहीं एसएचओ गांव सहौली के फार्म हाउस से अक्सर भेष बदलकर कार में कस्बा सुधार के घुमान चौक में स्थित एक पंजाबी ढाबे पर खाना खाने आता था। बुधवार को भी विजिलेंस ने नाकाबंदी के दौरान उसे काबू कर लिया।
विज्ञापन

उस समय के आला अधिकारीयो पर भी पडे़ थे छींटे
चाहे उस समय सिर्फ एसएचओ सदर कुलदीप सिंह पर ही 28 लाख की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था लेकिन इस केस में रकम के बंटवारे के छींटे कई आला अधिकारियो के दामन तक पहुंचे थे। अब तीन दिन की पूछताछ के बाद सामने आएगा कि आखिरकार एसएचओ कुलदीप सिंह को 28 लाख में कितने रुपये मिले थे। इसके अलावा नर्स इंद्रजीत कौर अमन भी पूछताछ के दौरान ऐंठे गए 28 लाख में एसएचओ की हिस्सेदारी संबंधी बयान दर्ज करवा चुकी है।
विज्ञापन


यह है मामला
फाजिल्का के रहने वाले एडवोकेट सुखदेव सिंह मान ने शिकायत में बताया था कि उसकी बहन मंदीप कौर की शादी 1983 में फाजिल्का के कस्बा जलालाबाद के गांव घागा खुर्द के रहने वाले बलकार सिंह पुत्र सुबेग सिंह से हुई थी। सुखदेव सिंह के मुताबिक जनवरी 2018 के पहले सप्ताह उसके जीजा बलकार सिंह के मोबाइल पर एसएचओ रायकोट सदर कुलदीप सिंह ने फोन किया और कहा कि आपके (बलकार सिंह) व आपकी पत्नी-बेटी के खिलाफ हमारे पास इंद्रजीत कौर ने विदेश भेजने के नाम पर 28 लाख की ठगी की शिकायत दर्ज कराई है। कुछ ही दिन बाद वह अपने जीजा बलकार व गांव घागा खुद के रहने वाले परमजीत सिंह को साथ लेकर एसएचओ रायकोट से मिले, जिन्होंने महिला की शिकायत व फोन की कुछ रिकार्डिंग्स सुनाई। सुखदेव के मुताबिक उन्होंने एसएचओ को साफ कहा कि उनके जीजा तो महज दसवी पास हैं जिन्हें इमिग्रेशन के काम के बारे में जानकारी नहीं और न ही उनका काम किसी को विदेश भेजने का है। इंद्रजीत कौर उर्फ अमन जो तलाकशुदा महिला है और उनके जीजा के साथ पहचान थी। बलकार कई बार इंद्रजीत कौर को पैसे देता रहता। इसी दौरान बलकार के ठाठ बाठ देखकर ही इंद्रजीत कौर के मन में ठगी का खयाल आया है, जिसके बाद ही उन्होंने झूठी शिकायत दर्ज कराई है।

10 जगराओं 1 एसएचओ सदर कुलदीप सिंह की फाईल फोटो
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें