खुद को पुलिस बताकर दुकानदारों को धमकाते थे, गिरफ्तार
लुधियाना के हैं चारों आरोपी, विभिन्न मामले हैं दर्ज : डीएसपी
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहगढ़ साहिब।
सीआईए स्टाफ ने नकली पुलिस अधिकारी बताकर लोगों से हफ्ता वसूली करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को पकड़ा है। आरोपी खुद को सीआईए स्टाफ पुलिस बताकर दुकानदारों को डरा धमकाकर नाजायज वसूली करते थे। गिरोह का भंडाफोड़ एक सीसीटीवी फुटेज से हुआ है।
एसपी(डी) दलजीत सिंह राणा और डीएसपी (डी) दलजीत सिंह खख और सीआईए स्टाफ इंचार्ज हरमिंदर सिंह ने बताया कि मामला एक सीसीटीवी फुटेज से खुला। 23 सितंबर को चारों आरोपी एक स्विफट कार में सरहिंद हमांयुपुर स्थित एक गैस स्टोव रिपेयर करने वाले दुकान सोनू लाइट हाउस पर आए। उन्होंने दुकानदार को कहा कि वे सीआईए स्टाफ के मुलाजिम हैं और आप पित्तल, तांबा चोरी करने का काम करते हो, सीआईए स्टाफ चलो। अगर 25 हजार रुपये अभी दे दोगे तो मामला यहीं निपट जाएगा। दुकान के मालिक गुरविंदर पाल सिंह को डरा धमकाकर आरोपियों ने उससे 10 हजार रुपये ले लिए। दुकानदार ने पुलिस को इसकी सूचना दी और कहा कि इन लोगों की एक सीसीटीवी फुटेज मंडी गोबिंदगढ़ से मिल जाएगी। पुलिस ने जब इस सीसीटीवी फुटेज को खंगाला तो शिकायतकर्ता ने इनमें से एक व्यक्ति की पहचान कर ली। आरोपी की पहचान नवदीप सिंह निवासी गली नंबर 6, न्यू शिमलापुरी लुधियाना के तौर पर हुई। पुलिस ने बताया कि नवदीप सिंह पर लुधियाना में छह आपराधिक मामले दर्ज हैं। सीआईए सरहिंद पुलिस ने लुधियाना पहुंच कर नवदीप सिंह के बारे में जानकारी हासिल की और उसके तीन अन्य साथियों के खिलाफ भी थाना सरहिंद में मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने नवदीप सिंह के साथी सुखप्रीत सिंह (33), प्रभजोत सिंह (27) और दिनेश कुमार (39) सभी निवासी लुधियाना को 3100 रुपये के साथ गिरफ्तार कर लिया। बाकी पैसा आरोपियों ने नशे में उड़ा दिया था। पुलिस ने कार में से एक एएसआई रैंक की पंजाब पुलिस की वर्दी भी बरामद की है जिस पर सतनाम एएसआई की नेमप्लेट लगी हुई थी। पूछताछ में आरोपियों ने माना कि वह हेरोइन के आदी हैं। नशे की जरूरत पूरा करने के लिए इस तरह की वारदात को अंजाम देते थे। आरोपी लुधियाना में जनकपुरी, हैबोवाल, ग्यासपुरा और अलग-अलग स्थानों पर इसी तरह की करीब 35 वारदात लाटरी, बर्तनों और छोटे गैस सिलेंडर भरने वाली दुकानों में कर चुके हैं। चारों के खिलाफ चोरी, छीना, धोखाधड़ी, लड़ाई झगड़ा और एनडीपीएस एक्ट के अधीन 9 मामले दर्ज हैं।
फोटो कैप्शन:25जीबीजीपी03: जानकारी देते हुए डी.एस.पी. दलजीत सिंह खख और पकड़े गए दोषी सी.आई.ए. स्टाफ के साथ।