स्नैचिंग के साथ शहर में बढ़ रही वाहन चोरी की वारदात
घर के बाहर खड़ी बाइक और घर के अंदर से बाइक चोरी
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।शहर में चोर गिरोह इन दिनों काफी सक्रिय है। चोर इतने शातिर है कि दिन-दिहाड़े घर के बाहर, रोड़ और पाकिंज्ग के साथ-साथ घर के अंदर से भी वाहन चुरा लेते है। रविवार को ऐसी तीन घटनाए सामने आई हैं। जिसमें चोरों ने घर के बाहर से एक बाइक, दुकान के बाहर से बाइक और घर के अंदर से बाइक चुरा ली। हालांकि, तीनों ही मामलों में पुलिस ने चोरी की एफआईआर कर ली है। लेकिन, अभी चोर पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
पहली वारदात में प्रताप नगर के रहने वाले भूपिंदर सिंह ने बताया कि उसने अपनी जूपिटर रात को रोजना की तरह अपने घर में खड़ी की थी। जबकि अगली सुबह उठे तो घर के मेन गेट खुला हुआ था। कोई व्यक्ति उसकी जूपिटर चुरा ले गया। इस मामले में थाना डिवीजन नंबर-6 में मामला दर्ज हुआ है।
ऐसे ही दूसरी घटना में न्यू जनता कालोनी के रहने वाले वरिंदर सिंह ने बताया कि धुरी लाइन, सुंदर नगर स्थित अपनी बुआ के घर गया था। उसने अपना प्लेटिना बाइक बुआ के घर के बाहर खड़ा किया था। जब एक घंटे बाद वह वापस जाने के लिए घर के बाहर आया तो बाइक नहीं थी। मामले में थाना माडल टाउन की पुलिस ने मामला दजज् किया गया है।
तीसरे मामले में हैबोवाल कलां के रहने वाले विजय कुमार ने बताया कि वह कटिंग करवाने के लिए हेयर ड्रेसर के पास गया था। उसने अपनी बाइक हेयर ड्रेसर की शॉप के बाहर खड़ा किया था। करीब एक घंटे बाद जब वह बाहर आया तो बाइक कोई ले गया था। इस संबंध में थाना हैबोवाल में मामला दर्ज हुआ है।
नशेड़ी और स्नैचर वारदात के लिए चुराते है बाइक
शहर में स्नैचिंग के साथ-साथ दो पहिया वाहन चोरी की वारदातें भी बढ़ रही हैं। वजह यह है कि ज्यादातर वारदात नशेड़ी और स्नैचर कर रहे हैं। क्योंकि, नशेड़ी चोरीशुदा वाहन सस्ते दाम में बेच कर अपनी नशे की लत पूरी करते हैं। जबकि स्नैचर चोरीशुदा वाहनों पर वारदातें करते हैं, ताकि वह पुलिस से बच जाएं।
अगर पुलिस रिकार्ड का ही आंकड़ा देखा जाए तो सन 2018, के इन छह महीनों में करीब 150 वाहन चोरी की एफ.आई.आर. हो चुकी है। इसके अलावा कई ऐसे मामले है जिनकी पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
एडीसीपी क्राइम रत्न सिंह बराड़ ने बताया कि पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। शहर के अलग-अलग थानों में लगातार चोरी और स्नेचिंग करने वाले आरोपी पकड़े जा रहे है। लेकिन, पहले से जेल में बंद आरोपी जमानत पर बाहर आकर फिर से वारदातें करने लगते है। ऐसे अपराधियों पर भी 110 का कलंदरा देकर कार्रवाई की जाती है।