गैंगस्टर की धमकियों से घबराई आईलेट्स संचालिका ने छोड़ा बठिंडा
पीड़िता ने पुलिस पर लगाए सुनवाई न करने के आरोप, डीएसपी भी देते रहे गोलमोल जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा।
पंजाब पुलिस की ओर से गैंगस्टरों पर नकेल न कसे जाने पर उनके हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि वह चाहें तो किसी भी व्यापारी या कारोबारी जान से मारने की धमकी देकर मोटी रकम ऐंठने में कामयाब हो जाते हैं। ऐसा ही मामला बठिंडा में सामने आया है, जहां पर आईलेट्स सेंटर चलाने वाली एक महिला ने गैंगस्टर की धमकी के डर से बठिंडा छोड़कर चली गई। महिला ने आरोप लगाया कि उसने इस बारे में पुलिस को कई बार बताया, लेकिन सुनवाई नहीं की गई। इस बारे में जब अमर उजाला ने डीएसपी से बात की तो वह मामले में गोलमोल जवाब देते नजर आए।
बठिंडा में द स्टडी स्टोम आईलेट्स सेंटर चलाने वाली महिला भाविका शर्मा ने बताया कि 2015 में उसकी मुलाकात बठिंडा के गांव बहमण दीवाना के रहने वाले मनप्रीत सिंह से हुई, जिसने उसे आईलेट्स के पेपरों में बच्चों को अच्छे बैंड दिलाने का झांसा देकर अपने दो साथियों गुरलाल सिंह और लखवीर सिंह के साथ मिलकर करीब साठ लाख रुपये ठग लिए। जब उसने तीनों आरोपियों के खिलाफ पुलिस के पास शिकायत करनी चाही तो आरोपियों ने नवंबर 2016 में बठिंडा के गैंगस्टर कुलबीर नरूआना को उसके घर भेज दिया। जो हथियारों से लैस होकर अपने साथियों के साथ उसके घर में जबरन घुस गया। महिला ने बताया कि उस समय गैंगस्टर ने उसे धमकाया कि अगर तुम मनप्रीत बगैरा से अपना मामला निपटाना चाहती हो तो मुझे तीन लाख रुपये दे दो। महिला ने गैंगस्टर के डर से उसे रुपये दे दिए। पीड़िता के अनुसार इसके कुछ समय बाद जब उसने बठिंडा पुलिस को अपने साथ हुई वारदात के बारे में बताया तो पुलिस ने कार्रवाई तो क्या उल्टा उस समय के सीआईए स्टाफ-2 के प्रभारी तरजिंदर सिंह ने गैंगस्टर को अपने पास बुलाकर समझा बुझा वापस भेज दिया। इसके कुछ दिन बाद फिर से गैंगस्टर नरुआना के भाई का फोन उसके पास आया और कहा कि अगर उसने नरुआना को पैसे नहीं दिए तो वह तुम्हारी बच्ची को उठा लेंगे। पीड़ित महिला ने बताया कि उसने अपने साथ हुई ठगी व गैंगस्टर की धमकी के बारे में लिखित 13 नवंबर 2017 को बठिंडा के डीएसपी डी करनशेर सिंह को शिकायत दी है, लेकिन अभी तक उसे नहीं पता कि उसकी शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई है। पीड़ित महिला ने बताया कि जब उसे गैंगस्टर के भाई के जरीये उसकी बच्चीं को उठाने की धमकी मिली तो उनके डर के मारे मई 2017 में उसने बठिंडा छोड़ दिया।
पहले इंकार फिर जांच की बात
इस संबंध में जब बठिंडा के डीएसडी करनशेर सिंह से बात की गई तो पहले उन्होंने इस तरह की कोई शिकायत मिलने से इंकार किया और थोड़ी देर बार वापस फोन कर पूछने लगे कि आपके पास उक्त शिकायत के बारे में जानकारी कैसे आई और आप का क्या सोर्स है। इस के अलावा उन्होंने बताया कि शिकायत में एक पुलिस कर्मी लखवीर सिंह भी शामिल है। जिसके बारे में जांच की जा रही है।
फिर मारी पलटी, कहा-झूठ बोली रही महिला
तत्कालीन सीआईए स्टाफ 2 के प्रभारी तरजिंदर सिंह पर महिला की ओर से लगाए जा रहे आरोपों के बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि महिला झूठ बोल रही है। उसकी कोई भी शिकायत उनके पास नहीं आई है।