वर्क परमिट वीजा दिलाने के नाम पर ठगे 1.60 लाख
युवक को टूरिस्ट वीजा पर भेजा जॉर्डन, वापसी की टिकट भी कराई रद्द
पुलिस ने पठानकोट निवासी दो आरोपियों के खिलाफ दर्ज किया मामला
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। विदेश भेज वर्क परमिट दिलाने के नाम पर पठानकोट निवासी दो आरोपियों ने 1.60 लाख रुपये ठग लिए। थाना ढाबा पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और मानव तस्करी एक्ट 2012 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है, समाचार लिखे जाने तक दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर थे।
महा सिंह नगर निवासी हजारा राम ने पुलिस को शिकायत में बताया कि उनका बेटा लुधियाना में स्कूल वैन चलाता था। उनके घर पर पठानकोट के गांव सूसा निवासी नरिंदर सिंह का आना जाना था। नरिंदर सिंह ने कहा कि उनके गांव का एजेंट जसवीर सिंह पठानिया विदेश भेजने का काम करता है। उसके झांसे में आकर बेटे का पासपोर्ट और 30 हजार रुपये नरिंदर सिंह के दे दिए। काफी समय बाद जब कुछ नहीं हुआ, तो उन्होंने नरिंदर सिंह को कहा कि पासपोर्ट और पैसा वापस कर दे। जून 2018 में नरिंदर सिंह का फोन आया कि उनके बेटे का जॉर्डन वीजा लग गया है, अब एजेंट के 1.30 लाख रुपये देने होंगे। उन्होंने 22 जून 2018 को पैसा नरिंदर सिंह के माध्यम से एजेंट को भेज दिए। 23 तारीख को उनके बेटे को एजेंट ने जॉर्डन रवाना कर दिया। वहां पहुंचने के कुछ समय बाद उनके बेटे का फोन आया कि उनके साथ धोखा हुआ है। एजेंट में वर्क परमिट की जगह टूरिस्ट वीजा पर भेजा है। यही नहीं एजेंट ने उनकी वापसी की टिकट के रद्द करा दिया है। आखिरकार किसी तरह उन्होंने अपने बेटे को वापस आने के लिए टिकट के पैसे दिए। इसके बाद वह लुधियाना वापस पहुंच सका। हजारा राम के अनुसार उनके बेटे के साथ कुछ अन्य युवा भी गए थे, जो पैसा न होने के कारण वहीं फंसे हुए है।