एनआईए टीम ने की हिंदू नेता से पूछताछ
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
टारगेट किलिंग की जांच कर रही नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) के अधिकारियों की टीम ने शुक्रवार को हिंदू नेता अमित अरोड़ा से सीआईए में करीब एक घंटे तक पूछताछ की। सूत्रों का कहना है कि एनआईए अधिकारियों ने अरोड़ा से जिस कार में उन पर अटैक हुआ था, उसे लाने को कहा। साथ ही हमले का सीन फिर से दोहराने को कहा।
पंजाब में हुई सभी टारगेट किलिंग की जांच का जिम्मा एनआईए के पास है। अलगाववादी ताकतों ने अमित अरोड़ा को पहला निशाना बनाया था, लेकिन वह बच गया। घटना के अनुसार वर्ष 2016 में तीन फरवरी को अमित अरोड़ा अपने गनमैन एवं वर्कर के साथ बस्ती जोधेवाल चौक में सूप पी रहा था। जब अमित अपनी कार में था, उस पर कुछ अज्ञात युवकों ने गोली चला दी और वह उसकी गर्दन को छू कर निकल गई। इस हमले में अमित अरोड़ा बालबाल बच गए। जोधेवाल बस्ती थाना की पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच शुरू की थी। इसके बाद पुलिस ने इस हमले को फर्जी करार दिया और यह दावा किया गया कि अधिक सुरक्षा लेने के मकसद से इस घटना को जानबूझ कर अंजाम दिया गया।
सूबे में हिंदू नेताओं पर हुए हमले में जब पुलिस ने शूटर रमनदीप सिंह एवं हरदीप सिंह शेरा को पकड़ा, तब पुलिस ने दावा किया कि आरोपियों ने यह माना कि उन्होंने अमित अरोड़ा को निशाना बनाया था, लेकिन वह बच गया। आरोपियों के इस कबूलनामे से पुलिस की जांच पर भी सवाल उठे। अमित अरोड़ा दोपहर करीब बारह बजे सीआईए पहुंचे। उससे करीब एक घंटे तक एनआईए अधिकारियों ने कई सवाल किए। अमित अरोड़ा ने बताया सीआईए में एनआईए के दिल्ली से आए अधिकारियों ने हमले के बारे में पूछताछ की। करीब एक घंटे तक पूछताछ के अलावा उनकी कार को भी खंगाला और क्राइम सीन करने को भी कहा। अमित ने बताया कि उन्हें मिली धमकियों के बारे में भी सवाल किए गए।