पंखा लगाने पर विवाद में बड़े भाई की हत्या
हलवारा गांव में बुधवार देर रात की वारदात
शराब के नशे में भाई के सिर पर मारा लकड़ी का बल्ला
अमर उजाला ब्यूरो
हलवारा (लुधियाना)।
एक पुराने पंखे को लेकर हुए विवाद में एक व्यक्ति ने अपने बड़े भाई के सिर पर लकड़ी से कई वार कर उसकी हत्या कर दी। घटना हलवारा गांव में बुधवार देर रात घटी। थाना सुधार पुलिस ने आरोपी दलबीर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर वारदात में इस्तेमाल की गई लकड़ी को बरामद कर लिया है। आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच के बाद पुलिस ने मृतक दर्शन सिंह (40) का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जानकारी के अनुसार दर्शन सिंह तीन भाईयों में से सबसे बड़ा था और कुंवारा था। पुलिस को दिए बयान में बलबीर सिंह ने कहा कि उसके दोनों भाई शराब पीने के आदी थे। शनिवार रात को भी दोनों ने काफी शराब पी रखी थी। दलबीर सिंह घर के आंगन में टेबल फैन लगाकर सो रहा था, जबकि उनकी 70 वर्षीय मां गुरमेल कौर कमरे में बिना पंखे के सो रही थी। उनका बड़ा भाई दर्शन सिंह पंखा उठाकर कमरे के अंदर ले गया और अपनी मां गुरमेल कौर के पास ही सो गया। रात को दलबीर की आंख खुली तो वह पंखा वहां न पाकर गुस्सा हो गया। वह पंखा लेने कमरे में गया। इसी बात पर दलबीर और दर्शन में लड़ाई शुरू हो गई। इसी दौरान छीनाझपटी में पंखा गिरकर टूट गया। इसके बाद गुस्सा हुए दलबीर ने घर में पड़ा लकड़ी का बल्ला उठाया और अपने बड़े भाई दर्शन सिंह के सिर पर वार कर दिया। सिर पर वार से दर्शन नीचे गिर गया और उसका माथा सीमेंट से बनी सीढ़ियों से जा टकराया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गुरमेल कौर के चिल्लाने की आवाज सुनकर आस-पास के लोग इकट्ठा हो गए। दलबीर लकड़ी के बल्ले के साथ यह चिल्लाता हुआ फरार हो गया कि मैंने ही दर्शन को मार दिया। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे थाना सुधार के प्रभारी रंजीत सिंह ने दर्शन के शव को सुधार सिविल अस्पताल पहुंचाया। दर्शन सिंह के शव का पोस्टमार्टम करने वाले सिविल अस्पताल के डॉक्टर ने कहा कि उसकी मौत सिर में लगी चोट के कारण हुई है। उन्होंने कहा कि वार इतनी जोर से किया गया कि सिर ही हड्डी के कई टुकड़े हो गए। थाना सुधार के प्रभारी रंजीत सिंह ने कहा कि बड़े भाई दर्शन की हत्या करने के बाद आरोपी दलबीर सिंह मौके से फरार हो गया था। उसे सूचना के आधार पर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
‘शराब ने मेरा घर उजाड़ दिया’
वहीं मृतक दर्शन की बूढ़ी मां बार बार कह रही थी कि शराब ने उसका घर बर्बाद कर दिया। एक बेटा दुनिया से चला गया तो दूसरे की जिंदगी सलाखों के पीछे कटेगी। बलवीर सिंह के दो छोटे बच्चे अपनी दादी गुरमेल कौर के आंसू पोंछते हुए उसे ढांढस बंधा रहे थे। तीनों भाईयों में से आरोपी सबसे छोटा है और कुंवारा है। तीनों भाइयों में से केवल बलबीर की ही शादी हुई है।