सांघा सिंह एंड कंपनी के खातों पर लेन देन पर लगी रोक
-ईपीएफ घोटाले के चलते की गई कार्रवाई
-दो साल से ईपीएफ का पैसा हासिल करने के लिए मजदूर कर रहे हैं संघर्ष
अमर उजाला ब्यूरो
हलवारा (लुधियाना)। एयरफोर्स स्टेशन हलवारा स्थित एमईएस के ठेकेदार सांघा सिंह एंड कंपनी में कार्यरत कांट्रेक्टर द्वारा किए गए ईपीएफ घोटाले की जांच कर रहे केंद्रीय भविष्य निधि संगठन ने ठेका कंपनी के चालू खाते एवं एफडीआर की कुर्की करने के लिए अटैच कर दिए है। ठेका कंपनी एवं एमईएस अधिकारियों की मिलीभगत से हुए घोटाले के संबंध में संगठन के क्षेत्रीय दफ्तर लुधियाना के सहायक कमिश्नर विनय गौतम ने आदेश जारी किए है। इसमें कहा गया है कि सांघा सिंह एंड कंपनी के चालू खाते सहित कंपनी की एफडीआर में किसी भी तरह के लेन देन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। दस अगस्त को इस घोटाले संबंधी संगठन में तीसरी सुनवाई के दौरान ठेकेदार रंजीत सिंह सांघी की कंपनी सांघा सिंह एंड कंपनी की तरफ से कोई भी मौजूद नहीं हुआ। इसके बाद संगठन ने कार्रवाई की।
मंगलवार को भी संगठन के लुधियाना दफ्तर में सुनवाई के दौरान सहायक कमिश्नर की अदालत में ठेका कंपनी की तरफ से कोई नहीं पहुंचा, जबकि शिकायतकर्ता वर्कर्स यूनियन के लोग अपना पक्ष रखने के लिए मौजूद थे। आज की कार्रवाई के दौरान भविष्य निधि संगठन कमिश्नर द्वारा एमईएस हलवारा के उच्च अधिकारी गैरीसन इंजीनियर को भी तलब कर लिया है। कमिश्नर द्वारा गैरीसन इंजीनियरिंग को ठेका कंपनी द्वारा रखे वर्कर्स के तमाम दस्तावेज जैसे कितने समय उन्होंने काम किया, कब से कब तक किया एवं ईपीएफ संबंधी तमाम जानकारी सहित पेश होने के आदेश जारी किए है। संगठन कमिश्नर के इस आदेश के बाद एमईएस दफ्तर हलवारा सहित अन्य तमाम ठेकेदारों में भी हड़कंप मच गया है और सभी ठेकेदार अपने वर्कर को कैश ईपीएफ देकर मामले रफा दफा करने की मिन्नते करते दिखाई दे रहे हैं। उल्लेखनीय है कि ठेकेदार रंजीत सिंह की सांघा सिंह एंड कंपनी में कार्यरत दर्जनों मजदूर लगातार पिछले दो साल से अपनी मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। 22 मार्च को एयरफोर्स स्टेशन हलवारा आए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से सामूहिक आत्महत्या की आज्ञा मांगने के चलते भयभीत पुलिस प्रशासन ने उस वक्त सांघा सिंह एंड कंपनी के मालिक रंजीत सिंह वासी गांव अब्बूवाल के खिलाफ थाना सुधार में धोखाधड़ी की धाराओं में मामला तो दर्ज किया था। लेकिन पुलिस ने आरोपी को राहत देते हुए कुछ धाराएं नहीं लगाई थी। पीड़ित वर्करों की मदद कर रहे ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट फेडरेशन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य संतोख सिंह गिल ने पुलिस प्रशासन पर ठेका कंपनी की मदद करने का आरोप लगाया था। उन्होंने पुलिस पर केस की पैरवी सही ढंग से न करने के चलते ही आरोपी ठेकेदार रंजीत सिंह एंटीसेपिट्री बेल लेने में भी कामयाब हो गया। आज अदालत के आदेश की कापी लेकर पीड़ित वर्कर से मदद एवं कानूनी सलाहकार संतोख सिंह, एमईएस कांट्रैक्ट वर्कर यूनियन के प्रधान गुरप्रीत सिंह टूसे, महासचिव संतोख सिंह हलवारा व अन्य ने कहा कि तत्काल प्रभाव से ठेका कंपनी के चालू खाते एंव एफडीआर के लेन देन पर रोक लगा दी गई है। उधर सांघा सिंह एंड कंपनी के मालिक रंजीत सिंह सांघा ने कहा कि उनका वकील मामले में पैरवी कर रहा है। उन्होंने कुर्की के लिए उनका खाता एंव एफडीआर अटैच करने के आदेश के बारे में कहा कि उक्त खाता वह नोटबंदी के बाद से ज्यादा इस्तेमाल नहीं करते हैं उनका नया खाता इंडियन ओवरसिस बैंक में है जोकि चालू है।