अकाली महिला सरपंच को चेक बाउंस मामले में सजा
बेटी की शादी को लिए थे गांव वासी से उधार
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा।
जिले के गांव जोधपुर रोमाणा की मौजूदा महिला सरपंच बबीता रानी को चेक बाउंस मामले में स्थानीय अदालत ने एक वर्ष की सजा सुनाई है। अदालत की ओर से सजा सुनाए जाने के बाद महिला सरपंच को गिरफ्तार कर लिया गया और थोड़ी देर बाद पर्सनल बांड भराकर जमानत पर छोड़ दिया गया। इस संबंध में जानकारी देते हुए गांव जोधपुर रोमाणा निवासी सुरिंदर सिंह उर्फ काबल ने बताया कि फरवरी 2015 में गांव की ही मौजूदा सरपंच बबीता रानी ने उससे अपनी बेटी की शादी के लिए एक लाख साठ हजार रुपये उधार लिए थे, जिसकी एवज में उसने पहले एक प्रनोट भरकर दिया था और कुछ समय बाद महिला सरपंच ने उससे अपना प्रनोट वापस लेकर एचडीएफसी बैंक के दो चेक दे दिए, जिसमें एक लाख व साठ हजार रुपये के थे। सुरिंदर सिंह ने बताया कि अक्तूबर 2015 में जब उसने एक लाख का भरा हुआ चेक बैंक में लगाया तो बाउंस हो गया जिस बाबत उसने जब महिला सरपंच से बात की तो उसने टाल मटौल शुरू कर दी। उसने बताया कि कुछ समय बाद ही महिला सरपंच ने अपना राजनीतिक रसूख का उपयोग करते हुए उन पर धोखाधड़ी का एक झूठा मामला भी दर्ज करवा दिया था। जिसके बाद उसने बठिंडा की स्थानीय अदालत में महिला सरपंच के खिलाफ चेक बाउंस को लेकर केस कर दिया था। जिस पर चीफ जूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास राजबिंदर कौर ने सुरिंदर सिंह के वकील की दलीलों से सहमत होते हुए महिला सरपंच को आरोपी ठहराते हुए एक वर्ष की सजा सुनाई और ब्याज सहित पीड़ित पक्ष को पैसे वापस करने के आदेश दिए है।