बठिंडा में रेप का केस, युवक था दिल्ली में
रेलवे पुलिस ने महिला के साथ मिलकर दो युवकों पर किया झूठा केस
दिल्ली में होने की सीसीटीवी फुटेज आदालत में पेश करेंगे आरोपी पक्ष
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा।
रेलवे पुलिस ने एक ऐसे युवक पर बलात्कार का केस दर्ज किया है, जो केस दर्ज करने वाले दिन दिल्ली में था और उसकी सीसीटीवी फुटेज परिवार ने अब अपने वकील विकास कुमार के जरिये अदालत में पेश करने की तैयारी कर ली है। वहीं मामला सामने आने के बाद थाना जीआरपी बठिंडा के प्रभारी हरजिंदर सिंह यह कहते हुए पल्ला झाड़ा कि उनका इस केस से कोई लेना देना नहीं है। जबकि केस के जांच अधिकारी एएसआई जगदीश चंद्र कह रहे कि उक्त मामला अब अदालत में चला गया है।
जानकारी देते हुए राम चंदर निवासी चटहेरा उत्तर प्रदेश ने बताया कि उसका भाई महिंदर गांव में धार्मिक काम करता था। एक दिन उसके पास बठिंडा के गांव पन्नी वाला रूलदू की महिला किरणा कौर पास आई। उसे अपने घर आने का न्योता दिया। जिस के बाद भाई 15 अक्तूबर 2017 को अपनी गाड़ी से डबवाली चला गया, जहां वह डबवाली चौक में स्थित एक होटल में रुका। उसने बताया कि 16 अक्तूबर को सुबह रेलवे पुलिस उसी होटल में आई और उसके भाई को हिरासत में साथ लेकर चली गई।
इस संबंध में होटल प्रबंधक भी गवाही दे रहे हैं। उसने बताया कि जब दोपहर के समय उन्हें पता चला कि उसके भाई को रेलवे पुलिस ने हिरासत में लिया है तो वह अगले ही दिन बठिंडा पहुंचे। वहां पता चला कि जीआरपी ने महिला किरणा कौर की शिकायत पर उसके भाई महिंदर सिंह और उसके दोस्त सुनील फौजी के खिलाफ महिला से बलात्कार के आरोप में थाना जीआरपी बठिंडा में केस दर्ज कर दिया है। रामचंद्र ने बताया कि उसके भाई को तो पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जबकि उसके भाई का दोस्त सुनील फौजी उस दिन बठिंडा में है ही नहीं था, जिस दिन रेलवे पुलिस ने बलात्कार का केस दर्ज किया। उन्होंने सुनील फौजी के दिल्ली होने संबंधी सीसीटीवी फुटेज को अपने वकील विकास कुमार के जरिये अदालत में पेश करने की तैयारी कर ली है, उन्हें अदालत से पूरा भरोसा है कि उन्हें इंसाफ मिलेगा। रामचंद्र ने कहा कि उनके भाई व दोस्त पर केस दर्ज करने वाले एएसआई जगदीश चंद्र और थाना रेलवे प्रभारी हरजिंदर सिंह के खिलाफ जीआरपी के बडे़ अधिकारियों को शिकायतें गई हुई हैं। जिसे वापस लेने के लिए अब थाना प्रभारी व एएसआई उन पर दबाव बना रहे हैं। इतना ही नहीं थाना प्रभारी हरजिंदर सिंह का भाई जो एक थाने में कहीं एसएचओ लगा है, वह उनको यह कहते हुए धमकी दे रहा है कि उसकी एडीजीपी के साथ सीधी बात है। तुम लोग चुप चाप अपनी शिकायत वापस ले लो। इस संबंध में जब एएसआई जगदीश चंद्र से बात कर उनका पक्ष जाना गया तो उन्होंने कहा कि मामला महिला के बयान पर दर्ज किया गया है। केस अब अदालत में चल है। इसके बाद जब थाना प्रभारी हरजिंदर सिंह से बात कही गई तो उन्होंने कहा कि आरोपी महिंदर का भाई बिल्कुल झूठे आरोप लगा रहा है। उनका इस केस से कोई लेना देना नहीं है।