लुधियाना। हंबड़ा रोड स्थित डेयरी कंप्लेक्स में रहने वाले ओपिंदर माहतों की हत्या उसी के दो दोस्तों ने मिल कर की थी। आरोपियों शराब पिलाने के बाद उसके सिर पर पत्थर से हमलाकर उसे मौत के घाट उतार दिया।थाना पीएयू की पुलिस ने आरोपी दोस्त धर्मेंद्र को बिहार के पटना साहिब से गिरफ्तार किया है। पुलिस अब आरोपी गुड्डी की तलाश में जुटी है।
थाना पीएयू के एडिशनल एसएचओ एएसआई अजीत सिंह ने बताया कि मृतक ओपिंदर और आरोपी धर्मेंद्र और गुड्डू डेयरी कांप्लेक्स में काम करते थे। इससे तीनों की आपस में अच्छी दोस्ती थी और एक-दूसरे के पास आना-जाना भी था। आरोपी धर्मेंद्र और गुड्डू उसकी पत्नी पर गलत नजर रखते थे। आरोपियों ने ओपिंदर की पत्नीसे संबंध बन गए। एक दिन ओपिंदर को इस बात का पता चल गया था। उसका पत्नी के साथ झगड़ा भी हुआ था। ओपिंदर ने अपने भाई को फोन यह सारी बात भी बताई थी। इसके बाद ओपिंदर, आरोपियों को भी अपने घर पर आने से रोकने लगा था। इसके बाद वह ओपिंदर को रास्ते से हटाने का प्लान बनाने लग गए।
ओपिंदर शराब पीने का आदी था। बीती 15 जून की रात को वह घर से समोसे लेने के लिए निकला था। हंबडा रोड स्थित सब्जी मंडी के पास उक्त आरोपी खड़े हुए थे। शराब पिलाने के नाम पर आरोपी ओपिंदर को अपने साथ अलतोस नगर ले गए। वहां झाड़ियों के पास सभी ने शराब पी। इसके बाद आरोपियोें ने सिर पर भारी पत्थर मारकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस का कहना है पूछताछ में पता चला कि गुड्डू जब ओपिंदर का गला दबा रहा था, तो वह काफी झटपटाने लगा, इसलिए धर्मेंद्र ने उसके दोनों पैर पकड़ लिए। गला दबाने के बाद भी गुड्डू की तसल्ली नहीं हुई, तो उसने बड़ा सा पत्थर उठा कर ओपिंदर के सिर पर मारे। अगले दिन ओपिंदर की लाश बरामद हुई थी।
सीसीटीवी फुटेज से हाथ लगे आरोपी
एएसआई अजीत सिंह का कहना है कि जांच के दौरान उन्हें एक सीसीटीवी कैमरे की फुटेज मिल गई थी। उस फुटेज में ओपिंदर, धर्मेंद्र और गुड्डू पहले तीनों साथ जाते हुए दिखाई दिए। कुछ घंटों बाद फुटेज में नजर आया कि पहले धर्मेंद्र उस रास्ते से निकला, उसके कुछ देर बाद गुड्डू। ओपिंदर नजर नहीं आया। इसलिए पुलिस को उक्त आरोपियों पर शक हो गया था। जब उनके क्वाटर पर रेड की तो वह गायब थे। जिस कारण उनका शक यकीन में बदल गया था। धर्मेंद्र से पूछताछ में पता चला है कि हत्या के बाद वह अपने क्वार्टर में नहीं गए। वह इलाके में ही थे, और पुलिस की कार्रवाई पर नजर रख रहे थे। जब उन्हें यह पता चला कि पुलिस को उन पर शक हो गया है, इसके बाद वह पटना स्थित अपने गांव चले गए थे।