बठिंडा। फर्जी मेडिकल रिपोर्ट बनाने के मामले में सिविल अस्पताल के डॉ. हरमीत सिंह के खिलाफ सेहत विभाग के डायरेक्टर को कार्रवाई करने के आदेश जारी किए गए हैं। समाजसेवी संस्था नौजवान वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष सोनू माहेश्वरी ने हेल्थ और फैमिली डिपार्टमेंट पंजाब के एडिशनल चीफ सचिव को शिकायत भेजी थी।
जानकारी के अनुसार पुलिस थाना बालियांवाली में 24 जून 2018 को कुलविंदर सिंह पर एफआईआर नंबर 38 दर्ज की गई। पुलिस द्वारा 27 जून 2018 को बठिंडा सिविल अस्पताल के डॉ. हरमीत सिंह से उसकी मेडिकल जांच करवाई गई। मेडिकल जांच करने के बाद डॉ. हरमीत सिंह ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि कुलविंदर सिंह के शरीर पर कोई भी ताजा चोट के निशान और खून के निशान नहीं हैं, लेकिन पीड़ित कुलविंदर सिंह द्वारा अदालत में जज को अपने शरीर पर कई चोटों के निशान दिखाए गए। इसके बाद जज द्वारा सिविल सर्जन बठिंडा को मेडिकल बोर्ड बनाकर कुलविंदर सिंह की दोबारा मेडिकल जांच करने के आदेश दिए गए। इसके बाद सिविल सर्जन द्वारा तीन डाक्टरों का मेडिकल बोर्ड बना कर कुलविंदर सिंह की दोबारा मेडिकल जांच करने के आदेश जारी किए गए। सिविल अस्पताल के डॉ. गुरमेल सिंह, डॉ. वरेश्वर चावला और डॉ. धीरज ने दोबारा मेडिकल निरीक्षण करने पर कुलविंदर के शरीर पर 11 चोटों के निशान पाए गए। अदालत में मेडिकल बोर्ड द्वारा तैयार मेडिकल रिपोर्ट पेश होने के बाद कोर्ट ने 28 जून 2018 को डा. हरमीत सिंह को झूठी मेडिकल रिपोर्ट बनाने के जुर्म में दोषी करार देते हुए सिविल सर्जन बठिंडा को आदेश जारी किए कि डॉ. हरमीत के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए। इस मामले को सेशन कोर्ट में चुनौती दी गई लेकिन सेशन कोर्ट ने भी निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा। अदालती आदेशों के करीब 11 महीनों बाद जब सोनू माहेश्वरी द्वारा आरटीआई एक्ट के तहत सिविल सर्जन से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने बताया कि डॉ. हरमीत सिंह के खिलाफ कार्रवाई करने के बारे में किसी भी प्रकार के अदालती आदेश उन्हें नहीं मिले हैं।
संस्था अध्यक्ष सोनू माहेश्वरी ने कहा कि डॉ. हरमीत सिंह पहले भी कई बार विवादों में रह चुके हैं लेकिन इस बार अदालत के आदेशों के बावजूद फर्जी मेडिकल रिपोर्ट बनाने वाले डॉ. हरमीत सिंह के खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई न करना सेहत विभाग प्रबंधन के खिलाफ भी शंका पैदा करता है। डॉ. हरमीत के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई करने के लिए सभी सबूतों व दस्तावेजों सहित हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर डिपार्टमेंट के एडिशनल चीफ सचिव सतीश चंद्रा को शिकायत भेजी गई जिन्होंने इस मामले में हेल्थ डायरेक्टर पंजाब को कार्रवाई कर जांच रिपोर्ट तुरंत भेजने के आदेश जारी कर दिए हैं।