रीडर को बहाल कराने के लिए की हड़ताल
बरनाला। सब तहसील धनौला के दफ्तर में से तहसीलदार के रीडर सिमरत सिंह व हरदीप सिंह को छुट्टी के दिन दफ्तर खोलकर रिकार्ड चोरी करने आरोप में धनौला के तहसीलदार मनमोहन सिंह ने मामला दर्ज करवाया था, जिसको लेकर सोमवार को मिनिस्ट्रियल स्टाफ के कर्मी तहसीलदार के खिलाफ भड़क उठे और उन्होंने सरकारी कामकाज बंद कर तहसीलदार के खिलाफ हड़ताल कर दी। उन्होंने मांग रखी कि जब तक रीडर के खिलाफ दर्ज मामला रद्द नहीं किया जाता, वह काम पर नहीं लोटेंगे। थाना धनौला के प्रभारी इंस्पेक्टर हाकम सिंह ने बताया कि नायब तहसीलदार मनमोहन सिंह के अनुसार किसान सरसा सिंह पुत्र गुरदेव सिंह व गुरदेव सिंह, गुरदेव सिंह पुत्र जैमल सिंह निवासी कालेके को किसी काम के लिए अपने रिकार्ड की जरूरत पड़ने पर उसके रीडर को मिले। जो उनको रिकार्ड देने के लिए कई दिनों से टालमटोल कर रहा था, लेकिन विगत दिनों सरकारी छुट्टी होने के बावजूद रीडर सिमरत सिंह व हरदीप सिंह ने दफ्तर खोल कर उनको निजी लाभ देने के लिए रिकार्ड की छानबीन कर चोरी करवा रहे थे, जिस की सूचना किसी व्यक्ति ने दी, तो उन्होंने मौके पर पहुंच कर देखा तो वह दोनों रिकार्ड की छानबीन कर रहे थे। जिसके चलते जांच अधिकारी एएसआई बलकार सिंह ने नायब तहसीलदार मनमोहन सिंह के बयान के आधार के पर केस दर्ज कर सिमरत सिंह व हरदीप सिंह को गिरफतार कर अदालत में पेश कर एक दिन का रिमांड लिया था। तहसीलदार मनमोहन सिंह बताया कि रीडरों ने काम बंद कर उसके रीडर को बहाल करवाने के लिए हड़ताल की है। उन्होंने बताया कि जब क्लर्कों की बदली हो चुकी थीं, यहां नए क्लर्क आने थे। इसलिए छुट्टी वाले दिन इनको दफ्तर खोलने का कोई अधिकार ही नहीं था।