एडीसीपी गुरप्रीत कौर पूरीवेल ने बताया कि आरोपियों ने कंगना रिप्लेसमेंट सर्विस के नाम से अपनी एक वेबसाइट बना रखी थी। पुलिस ने वेबसाइड पर लिखे नंबर पर संपर्क किया। पुलिस ने आरोपियों से घरेलू कामकाज के लिए नौकरानी रखने की बात की। इसी दौरान आरोपी करण पुलिस की बातों में आ गया। उसने पुलिस मुलाजिम से ही पहले चालीस हजार रुपये और तनख्वाह की बात की।
जब मुलाजिम ने हां बोला तो आरोपी योगिता को काम पर लगवाने के लिए आ गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को काबू कर लिया। इसके बाद आरोपियों ने सारी बात बताई कि कैसे वारदात को अंजाम दिया जाता है।
दो को लुधियाना में तो दो को दिल्ली में किया गिरफ्तार
पुलिस को दोनों आरोपियों के गिरफ्तार के बाद पता चला कि इस ग्रुप में कई ओर भी शामिल है। यह ऑनलाइन लोगों से संपर्क करते है और घरों में घुस कर चोरी की वारदात कर फरार हो जाते है। आरोपियों ने दिल्ली, उत्तरप्रदेश, हरियाणा और लुधियाना में वारदातें की है। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर आरोपी अजीत, लाल मुखिया को भी काबू कर लिया।
उनके साथ काम करने वाले एक महिला अभी फरार है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने सिविल लाइन में नौकरानी योगिता से तीस हजार रुपये चोरी करवाए। कैलाश चौक में कारोबारी की कोठी में चालीस हजार और गहने चुराए। इसके अलावा मोहल्ला रघुनाथ एनक्लेव में एक कोठी से 40 हजार रुपए और गहने चुराए। पुलिस आरोपियों से पूछताछ करने में जुटी है।