पीएम स्कीम में मिला वजीफा हड़पा, केस
जगरांव आईएसजी सेंटर मालिक के खिलाफ 19 छात्राओं की शिकायत पर कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
जगरांव (लुधियाना)।
जगरांव आईएसजी सेंटर के संचालक की ओर से विद्यार्थियों का प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत भत्ता हड़पने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस संबंध में सेंटर के संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।
छात्राओं ने इस संबंध में पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि आईएसजी सेंटर के संचालक आशीष कपूर निवासी विजय नगर ने उनके गांव ढोलन में घोषणा कराई थी कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत उनके सेंटर में छात्राओं को ब्यूटीपार्लर के कोर्स कराए जाएंगे। इसके साथ ही कोर्स करने वाली छात्राओं को दस हजार रुपये वजीफा मिलेगा, जोकि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के खाते में आएगा। घोषणा सुनकर 19 छात्राओं ने दाखिला ले लिया। दाखिले के वक्त आईएसजी सेंटर के संचालक ने उनके बैंक खाते भी खुद ही खुलवाए। कोर्स खत्म होते ही उनके बैंक अकाउंट में दस-दस हजार रुपये प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना के तहत आ गए, लेकिन तुरंत ही सेंटर के संचालक ने उनके खातों से 9500-9500 रुपये निकलवा लिए। जब उन्होंने संचालक के समक्ष एतराज जताया तो भगा दिया गया।
जांच अधिकारी सुरजीत सिंह ने बताया सेंटर के मालिक आशीष कपूर ने छात्राओं के बैंक अकाउंट खुलवाने के वक्त बड़ी चालाकी से ऑटो डेबिट फार्म पर भी हस्ताक्षर करा लिए थे। कोर्स पूरा होने पर आई रकम संचालक ने ऑटो डेबिट फार्मों के जरिये तुरंत ही एक्सक्लूसिव सैलून अकादमी नई दिल्ली के खाते में ट्रांसफर कर दिए, जबकि पीएम कौशल विकास योजना के तहत यह रकम कोर्स पास करने वाली छात्राओं को मिलनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच के बाद ही आशीष कपूर के खिलाफ थाना दाखा में मामला दर्ज किया गया है।
आईएसजी सेंटर में ठगी की शिकार हुई तमाम छात्राएं एक ही गांव ढोलन की रहने वाली हैं। सभी छात्राओं ने मिल कर सेंटर संचालक के खिलाफ शिकायत क र कार्रवाई कराई है। उधर सेंटर के संचालक आशीष कपूर ने उन पर लगे आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि कोर्स करने वाली किसी भी छात्रा ने आर्थिक तंगी के चलते फीस नहीं दी थी। उनकी सहमति पर ही वजीफा आने पर फीस ली गई थी। इस संबंध में पुलिस को भी पुख्ता सबूत दिए गए हैं। इस मामले में इंसाफ के लिए अदालत में जाएंगे।