आरटीए आफिस के मुलाजिमों से उलझे बस ऑपरेटर, धक्का-मुक्की
बस स्टैंड नाकाबंदी कर आरटीए ने बिना परमिट बंद की थी तीन बसें
पांच नामजद समेत दस के खिलाफ ड्यूटी में बाधा डालने का मामला दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
शहर में बिना परमिट चल रही वीडियो कोच बसों पर आरटीए का डंडा चला। देर रात नाकाबंदी के दौरान आरटीए ने तीन बसें कब्जे में लेकर चौकी बस स्टैंड के हवाले कर दी। इसके बाद वहां बस ऑपरेटर इकट्ठे हो गए और आरटीए और मुलाजिमों के साथ बदसलूकी कर धक्का-मुक्की की। मामले की शिकायत पुलिस कमिश्नर को दी गई। थाना डिवीजन नंबर-5 की पुलिस ने पांच लोगों को नामजद कर पांच अज्ञात पर सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने का मामला दर्ज किया है। नामजद आरोपी दीपक, काऊ, विकास लेखी, बबलू और राहुल की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
आरटीए लवजीत कौर कलसी ने बताया कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और पंजाब सरकार के आदेशों पर बिना परमिट वाली बसों पर सोमवार देर रात कार्रवाई की गई। बस स्टैंड के पास नाकाबंदी कर अलग-अलग कंपनियों की बसें रोककर चेकिंग की गई। इसमें तीन बसें बिना परमिट की मिलीं। बस चालकों ने बसें भगाने का प्रयास भी किया, जिन्हें बहुत ही मुश्किल से काबू किया गया। उसके बाद बसों के चालान कर बसें बंद कर दी गईं और चौकी बस स्टैंड के हवाले की गई।
इसके बाद करीब 24 बस ऑपरेटर चौकी में इकट्ठा हो गए। उन्होंने आरटीए ऑफिस के पुलिस मुलाजिमों और अन्य कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की की और उन्हें धमकाया। आरटीए का कहना है कि इसके बाद ट्रांसपोर्ट विभाग के उच्चाधिकारियों और लुधियाना पुलिस कमिश्नर के नोटिस में मामला लाया गया। इसके बाद पुलिस कमिश्नर आरएन ढोके ने थाना पुलिस को आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा। बस स्टैंड चौकी इंचार्ज सुखविंदर सिंह ने बताया कि दस बस ऑपरेटरों पर मामला दर्ज किया गया है, जिसमें से पांच लोगों की पहचान हुई है। आरोपी फरार हैं।