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राज्य से बाहर तबदील किया जाए सिटी सेंटर घोटाले का केस

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‘राज्य से बाहर तबदील किया जाए सिटी सेंटर घोटाले का केस’
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विधायक बैंस ने कहा, विजिलेंस के पूर्व एसएसपी संधू के साथ खड़ी है लोक इंसाफ पार्टी
सिटी सेंटर का केस हुआ बंद तो राज्य पर पड़ेगा 12 हजार करोड़ का बोझ
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। लुधियाना के करोड़ों के सिटी सेंटर घोटाले में विजिलेंस के पूर्व एसएसपी कंवरजीत सिंह संधू की तरफ से अदालत में याचिका दायर कर सुरक्षा की मांग पर केस संबंधी धमकियां मिलने के मामले के बाद आज लोक इंसाफ पार्टी के प्रमुख विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने सिटी सेंटर घोटाले के केस की सुनवाई राज्य से बाहर किसी दूसरे राज्य में करने की मांग की है। इस संबंधी उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस, सीबीआई और पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखा है। उन्होंने दावा किया है कि लोक इंसाफ पार्टी पहले दिन से कह रही है कि अकाली दल और कैप्टन दोनों का सियासी समझौता हुआ है। जिसके तहत राज्य की सत्ता कैप्टन अमरिंदर सिंह के हाथ अकाली दल ने खुद दी है। विजिलेंस के पूर्व अधिकारी की तरफ से किए गए खुलासे से स्पष्ट हो चुका है। दोनों ने अपने सियासी लाभ के लिए राज्य को बर्बाद कर दिया है। उन्होंनेदावा किया है कि अगर सिटी सेंटर का केस विजिलेंस की तरफ से बंद कर दिया गया तो राज्य के खजाने पर 12 हजार करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। जोकि सरकार को टूडे होम को मुआवजे की तरफ से दिए जाएंगे।
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विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने कहा कि पूर्व विजिलेंस अधिकारी कंवरजीत सिंह संधू की तरफ से की गई शिकायत से स्पष्ट हो गया है कि कैसे समय की सरकार अपनी ताकत का फायदा उठा कर घोटाले के केसों को बंद करवा रही है। उन्होंने बताया कि पूर्व विजिलेंस अधिकारी ने अदालत में शिकायत दी है कि कैसे सरकार की तरफ से इस केस में उन पर दबाव बनाया जा रहा है कि वह केस वापस लेने के बयान दे। नहीं तो उन पर झूठे केस में फंसा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोक इंसाफ पार्टी का हर सदस्य इस अफसर के साथ 24 घंटे खड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि पूर्व अधिकारी को जिस जगह पर भी लोक इंसाफ पार्टी की जरूरत होगी वह हमेशा खड़े मिलेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य का गृह विभाग मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के पास है और विजिलेंस भी गृह विभाग के अधीन काम करती है, विजिलेंस खुल कर काम नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि अगर मौजूदा समय में सिटी सेंटर घोटाले के केस को बंद नहीं किया जाता है तो सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सरकार को 12 हजार करोड़ रुपये मुआवजे के तौर पर देने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि अगर घोटाले का केस बंद करना है तो यह पैसे बादल परिवार से वसूले जाएं। इस मौके पर उनके साथ पार्टी के नेता रणधीर सिंह सीबीया, जसविंदर सिंह खालसा, जतिंदर पाल सिंह सलूजा, गुरप्रीत सिंह खुराना, विपन सूद काका, पार्टी के यूथ विंग के प्रधान सुरिंदर सिंह गरेवाल मौजूद थे।
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